लखनऊ: ‘जय श्री राम’ के नारे को लेकर पश्चिम बंगाल में घमासान मचा है. इस बीच, राम की नगरी अयोध्या के साधु-संत भी अब इस मामले में कूद पड़े हैं. तपस्वी छावनी में डॉ. राम विलास दास वेदांती और स्वामी परमहंस दास ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ‘सद्बुद्धि’ के लिए बुद्धि-शुद्धि यज्ञ किया. इसके अलावा उन्होंने बंगाल की मुख्यमंत्री को या तो ‘जय श्री राम’ का विरोध छोड़ने या फिर ‘भारत छोड़ने’ के फरमान वाले पोस्टकार्ड लिखकर भेजे. उधर, वाराणसी के पातालपुरी मंदिर के महंत बालक दास ने भी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को ‘रामचरितमानस’ की एक प्रति इस उम्मीद के साथ भेजी है कि इसे पढ़ने से उनकी सोच शुद्ध होगी.

न्यास के वरिष्ठ सदस्य व पूर्व सांसद डॉ़ राम विलास दास वेदांती ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को ‘श्री राम’ के नाम का पोस्टकार्ड लिखा. साथ ही वेदांती ने संतों से आह्वान किया कि वे सभी लोग पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को ‘श्री राम’ लिखे पोस्टकार्ड भेजेंगे. तपस्वी छावनी के महंत स्वामी परमहंस दास का कहना है कि बुद्धि-शुद्धि यज्ञ के साथ देवी शक्ति यज्ञ के माध्यम से राम मंदिर निर्माण की बाधाओं को दूर करने की प्रार्थना की गई है, जिससे केंद्र की सरकार को ईश्वरीय शक्ति प्राप्त हो सके. संतों का कहना है कि केंद्र सरकार कश्मीर में धारा 370 समाप्त करे, जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाए. स्वामी परमहंस दास का कहना है कि जो राम विरोधी हैं, उनके लिए देश में कोई जगह नहीं होनी चाहिए.

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रामचरितमानस को पढ़ने के बाद ममता बनर्जी की सोच होगी शुद्ध
उधर, वाराणसी के पातालपुरी मंदिर के महंत बालक दास ने पत्रकारों से कहा कि मुझे उम्मीद है कि एक बार रामचरितमानस को पढ़ने के बाद उनकी सोच शुद्ध होगी. उन्होंने कहा कि वह (ममता बनर्जी) ‘जय श्री राम’ के नारे का विरोध कर रही हैं, जो भगवान राम के प्रति उनकी नफरत को दर्शाता है. इस कराण एक दिन उनका पतन होना निश्चित है. मैंने उन्हें शास्त्र की एक प्रति भेजी है और मुख्यमंत्री से इसे पढ़ने का अनुरोध किया है.

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शास्त्र को समझने में ममता की मदद करने को तैयार
उन्होंने कहा कि वह शास्त्र को समझने में ममता की मदद करने को तैयार हैं और उन्हें और अधिक प्रतियां भेजना जारी रखेंगे. ‘रामचरितमानस’ 16वीं शताब्दी के भक्ति पंथ के कवि गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित हिंदी की अवधी बोली में एक महाकाव्य कविता है. ‘रामचरितमानस’ का शाब्दिक अर्थ है ‘राम के कर्मों की झील. इसे हिंदी साहित्य की सबसे बड़ी कृतियों में से एक माना जाता है.

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‘जय श्री राम’ का जाप करने वाले भाजपा कार्यकर्ताओं पर नकेल कस रही हैं ममता
इससे पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने यह घोषणा की थी कि पार्टी कार्यकर्ता मुख्यमंत्री ममता को 10 लाख पोस्टकार्ड भेजेंगे, जिस पर ‘जय श्री राम’ लिखा होगा. ममता राज्य में ‘जय श्री राम’ का जाप करने वाले भाजपा कार्यकर्ताओं पर नकेल कस रही हैं.

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