लखनऊ: धार्मिक नगरी अयोध्या में दीपावली के अवसर पर शुरू किया गया ‘दीपोत्सव’ देश दुनिया में पहचान बना चुका है और इस वर्ष दीपोत्सव को पहले से कहीं अधिक वृहद और भव्य बनाने की तैयारी है. इस मौके पर रिकार्ड संख्या में दीये जलाकर विश्व कीर्तिमान बनाने की तैयारी है. दीपोत्सव 24 से 26 अक्टूबर के बीच अयोध्या में होगा और इस बार लगभग चार लाख दीये जलाकर उस विश्व रिकार्ड को तोड़ने की तैयारी है जो पिछले वर्ष तीन लाख से अधिक दीये जलाकर बनाया गया था. पिछले वर्ष पवित्र सरयू नदी के किनारे जलाए गए ये दीये लगभग 45 मिनट तक जले और इनकी भव्यता की देश दुनिया में खूब चर्चा हुई.

भाजपा के उत्तर प्रदेश प्रवक्ता हरिश्चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि दीपोत्सव भारतीय जनमानस में और भारतीय संस्कृति में एक ऐसा सांस्कृतिक उत्सव है जो बुराई पर अच्छाई की विजय के रूप में मनाया जाता है. यह अंधेरे को प्रकाश में बदलने का उत्सव है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दीपोत्सव को भव्य ढंग से मनाने का फैसला निश्चित तौर पर उत्साहजनक है. उन्होंने कहा कि यह आयोजन धार्मिक महत्व के साथ ही पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है और इसके जरिए दुनिया में एक सांस्कृतिक उत्सव के रूप में बड़ा संदेश जाता है और पर्यटन की बड़ी संभावनाएं पैदा होती हैं. उन्होंने बताया कि अयोध्या में इस बार दीपावली पर ज्यादा जगमग होगी . सिर्फ राम की पैड़ी पर ही नहीं बल्कि बल्कि पूरी रामनगरी में तीन दिन तक हर घर में दीये जलेंगे.

आयोजन की प्रशासन ने की पूरी तैयारी
राज्य सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि 24, 25 और 26 अक्टूबर के इस आयोजन के लिए प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है. अयोध्या के 13 प्रमुख मंदिरों में तीन दिन तक हर दिन 5001 दीये जलाए जाएंगे. इसके अलावा नगर के सभी 10 हजार मंदिरों और घरों में भी दीये जलाए जाएंगे. उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन, अयोध्या नगर निगम और शहर के बड़े शैक्षणिक संस्थान इस मुहिम में शामिल हैं. आचार्य राधेश्याम मिश्र ने बताया कि दीपोत्सव कार्यक्रम को अयोध्या के गुप्तारघाट से लेकर भरत जी की तपस्थली नंदीग्राम तक विस्तारित किया जा रहा है.

पांच देशों की मंडलियां करेंगे रामलीला
आयोजन से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि इस बार अयोध्या के दीपोत्सव में पांच देशों मारीशस, नेपाल, सूरीनाम, इंडोनेशिया और थाइलैंड की रामलीला मंडलियां रामलीला का मंचन करेंगी. इसके अलावा देश के विभिन्न हिस्सों से लगभग 32 सांस्कृतिक दलों का कार्यक्रम होगा . श्रीलंका के कलाकार भी आएंगे.