अयोध्या: विश्व हिंदू परिषद की धर्मसभा और शिवसेना के कार्यक्रम से एक दिन पहले शनिवार को अयोध्या की सुरक्षा बढ़ा दी गई है. दावा है कि रविवार को यहां करीब दो लाख लोग जुटेंगे. विवादित स्थल पर राम मंदिर निर्माण के लिए विश्व हिन्दू परिषद समेत अनेक भगवा संगठन के लोग रविवार को अयोध्या पहुंच रहे हैं. वहीँ शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे भी शनिवार को होने वाले ‘आशीर्वाद उत्सव’ के लिए आज अयोध्या पहुंच रहे हैं, जिनके साथ भारी संख्या में शिवसैनिक भी इस कार्यक्रम में शिरकत करेंगे. रविवार को वीएचपी धर्मसभा का आयोजन करेगी. दोनों कार्यक्रमों को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं, प्रशासन ने करीब 70 हजार सुरक्षाकर्मियों को वहां तैनात किया है.

 1100 संतों को सम्मानित करेगी शिवसेना
विश्व हिंदू परिषद के आह्वान पर रविवार 25 नवम्बर को अयोध्या के बड़े भक्त माल की बगिया में विराट धर्मसभा का आयोजन किया जाना है जिसमें तकरीबन दो लाख रामभक्तों को जुटाने का लक्ष्य है. कल होने वाली विराट धर्मसभा से पहले शनिवार को लक्ष्मण किला में शिवसेना 1100 संतों को सम्मानित करने वाली है. इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने मुंबई से शिव सैनिकों की विशेष ट्रेन शुक्रवार रात अयोध्या पहुंच चुकी है. 22 बोगी की इस ट्रेन से 2900 शिवसैनिक अयोध्या पहुंचे हैं. शिवसैनिकों के ट्रेन से उतरते ही पूरा स्टेशन परिसर जय शिवाजी-जय भवानी के नारों से गूंज उठा. शिवसैनिकों का कहना था कि हम सभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जगाने आए हैं. मोदी जी ने अगर जल्दी मंदिर निर्माण को लेकर कोई फैसला नहीं लिया तो शिवसैनिक राम मंदिर का निर्माण खुद कर सकने में सक्षम हैं.

विशेष ट्रेन से पहुंचे शिव सैनिक

विशेष ट्रेन से पहुंचे शिव सैनिक

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मंदिर निर्माण के लिये अध्यादेश की मांग
पिछले दिनों दिल्ली में आयोजित साधु-संतों की बैठक में सरकार को ‘धर्मादेश‘ दिया गया था कि वह मंदिर निर्माण के लिये अध्यादेश लाए, या फिर कानून बनाए. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने भी पिछले दिनों वाराणसी में मंदिर निर्माण के लिये माहौल बनाने की जरूरत बताई थी. माना जा रहा है कि इसी के बाद विराट धर्मसभा के आयोजन की तैयारी की गई. शिव सैनिकों के अयोध्या पहुंचने के बाद महाराष्ट्र के पीडब्ल्यूडी मंत्री एकनाथ शिंदे भी स्टेशन पर पहुंचे और शिवसैनिकों के रुकने इत्यादि की व्यवस्था का जायजा लिया शिव सैनिकों में ज्यादातर संख्या में साधु-संत थे जो लगातार जय श्रीराम का जयघोष कर रहे थे.

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कैसी हैं तैयारियां
वहीं संघ व विहिप ने धर्मसभा को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है. 2 लाख कार सेवकों को जुटाने के लिए विहिप व संघ सहित भाजपा की टीम पूरी मुस्तैदी से लगी हुई है. इस विराट धर्मसभा के आयोजन के लिए 9 लाख 60 हजार वर्ग फीट का मैदान तैयार करवाया गया है. जिसमे से 8 लाख वर्गफीट के एरिया में रामभक्तों का जमावड़ा होगा तो वहीं एक लाख 60 हजार वर्गफीट में मंच, सुरक्षा घेरा और रास्ता बनाने की मैपिंग प्रशासन व खुफिया विभाग की टीमों ने की है. 75 फीट लंबा व 35 फीट चौड़े मंच पर 200 संतों के बैठने की व्यवस्था होगी. रामभक्तों के लिए भोजन व प्रवास की समुचित व्यवस्था की गई है. रिपोर्ट के मुताबिक लगभग ढाई लाख लंच पैकेट तैयार करने के आदेश दिए गए हैं. 13 विभिन्न जगहों पर पार्किंग स्थल बनाया गया है व धर्मसभा स्थल पर पहुंचने के लिए 5 गेट बनाए गए हैं.

मुस्तैद है प्रशासन
धर्मसभा की व्यवस्था को फूलप्रूफ बनाने में विहिप सहित प्रशासनिक टीम पूरी तत्परता से जुटी हुई है. धर्मसभा की तैयारियों की मॉनीटरिंग संघ एवं विहिप के प्रमुख पदाधिकारी खुद कर रहे हैं. विहिप के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय खुद सारी व्यवस्थाएं देख रहे हैं. चंपत राय के मुताबिक धर्मसभा का मकसद सरकार व न्यायालय को जगाना है. वहीँ किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए 70 हजार सुरक्षा कर्मी पूरी तरह से मुस्तैद हैं. चप्पे-चप्पे की निगरानी पूरी मुस्तैदी से की जा रही है. अहतियातन स्कूल-कॉलेज बंद करा दिए हैं.