जयपुर: अजमेर दरगाह के दीवान जैनुअल आबेदीन अली खान ने अयोध्या मामले पर सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का स्वागत किया है और लोगों से शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील की है. दीवान ने कहा,’ न्यायपालिका सर्वोच्च है और हम सभी को उसके फैसले का सम्मान करना चाहिए. यह दुनिया के सामने एकता दिखाने का समय है क्योंकि पूरी दुनिया आज भारत की ओर देख रही है.’

Ayodhya Verdict: सुप्रीम कोर्ट ने कहा, निर्मोही अखाड़ा राम लला की मूर्ति का उपासक या अनुयायी नहीं

उन्होंने कहा,’ हम फैसले का सम्मान करते हैं और स्वीकार करते हैं. मैं देश के लोगों से सौहार्द्र और शांति बनाए रखने की अपील करता हूं. यह न्यायपालिका की जीत है और संदेश जोर से और स्पष्ट होना चाहिए कि न्यायपालिका हमारे लिए कितनी महत्वपूर्ण है और देश के लोग शांति प्रिय हैं.’ उन्होंने कहा कि कानून का सम्मान करना मूल इस्लामी शिक्षा है.

Ayodhya Verdict: सुप्रीम कोर्ट ने कहा- विवादित स्थल के नीचे का ढांचा इस्लामिक संरचना नहीं

बता दें कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हिंदू इस स्थान को भगवान राम की जन्मभूमि मानते हैं, यहां तक कि मुसलमान भी विवादित स्थल के बारे में यही कहते हैं. हिंदुओं की यह अविवादित मान्यता है कि भगवान राम का जन्म गिराई गई संरचना में ही हुआ था.

Ayodhya Verdict: यहां जानिए 1528 से लेकर 9 नवंबर 2019 तक का पूरा जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने अपने फैसले में कहा कि निर्मोही अखाड़े का दावा कानूनी समय सीमा के तहत प्रतिबंधित है. विवादित 2.77 एकड़ जमीन का कब्जा केंद्र सरकार के रिसीवर के पास बना रहेगा. कोर्ट ने कहा, सुन्नी वक्फ बोर्ड को मस्जिद के लिए किसी मुनासिब जगह पर पांच एकड़ जमीन दी जाए. न्यायालय ने मुसलमानों को नई मस्जिद बनाने के लिए वैकल्पिक जमीन आवंटिक करने का निर्देश दिया.

(इनपुट-भाषा)