लखनऊ: कोरोना महामारी के बीच 16 जनवरी से देश में टीकाकरण अभियान की शुरुआत होने वाली है. पीएम मोदी ने बीते दिनों इसे सबसे बड़ा टीकाकरण का अभियान बताया था. लेकिन इस दौरान उत्तर प्रदेश में एक बड़ी गड़बड़ी सामने आई है. यहां स्वास्थ्य विभाग द्वारा पहले कतार के लाभार्थियों की जो सूची बनाई गई है, उस लिस्ट में रिटायर्ड नर्स, मृतक नर्स और संविदा समाप्त होने वाले डॉक्टर भी शामिल हैं. Also Read - दिल्ली में कल से इन 81 स्थानों पर लगाए जाएंगे कोविड-19 के टीके, वैक्सीनेशन की तैयारियां हुईं पूरी, देखें लिस्ट

केंद्र सरकार द्वारा पहले ही तय किया गया था कि पहली कतार के लोगों को कोरोना वायरस की वैक्सीन सबसे पहले दी जाएगी. इस लिस्ट में आवश्यक सेवाओं से जुड़े लोगों को शामिल किया गया है. लेकिन अयोध्या जिले में लाभार्थियों की लिस्ट में बड़ी गड़बड़ी देखने को मिली है. यहां मृतक नर्स, रिटायर्ड नर्स तथा संविदा समाप्त होने वाले डॉक्टरों के नाम शामिल हैं. Also Read - कोरोना वैक्सीनेशन के लिए अब चुनाव आयोग के डेटा का होगा प्रयोग, कल से शुरू होगा देशभर में टीकाकरण

बता दें कि इस मामले के सामने आने के बाद स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जय प्रताप सिंह ने मामले के जांच के आदेश दे दिए और मामले की लापरवही को लेकर कड़ी कार्रवाई करने को लेकर चेतावनी दी. Also Read - Delhi Covid-19 Update: दिल्ली में बीते 24 घंटे में कोविड-19 के 340 नए मामले, 4 और मरीजों की मौत

यूपी के मंत्री ने कहा कि राज्य में डॉक्टरों की काफी कमी है. यहां 8-10 हजार डॉक्टरों की संख्या है. डॉक्टरों की कमी के कारण यूपी में स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित होती है. ऐसे में कुछ एक्सट्रा डॉक्टरों की तैनाती महामारी के दौरान बढ़ाई गई थी.