अयोध्या: यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने आज कहा कि सरकार लोकतांत्रिक मर्यादाओं से बंधी हुई है इसलिए अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिये संतों को अभी कुछ और दिन धैर्य रखना होगा. आज अयोध्या पहुंचे सीएम संतों को राम मंदिर मुद्दे पर मनाने पहुंचे थे. इसी को लेकर सीएम योगी ने संत सम्मेलन में कहा कि हम दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में रहते हैं. भारत की इस व्यवस्था के संचालन में न्यायपालिका, कार्यपालिका और विधायिका की अपनी भूमिका है. हमें उन मर्यादाओं को भी ध्यान में रखना होगा.’ Also Read - Ayodhya Ram Temple: राम मंदिर निर्माण के लिए सीएम शिवराज सिंह चौहान ने एक लाख रुपये का दिया दान

मंदिर मुद्दे के समाधान का मार्ग निकलना चाहिए
उन्होंने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम राम इस ब्रह्मांड के स्वामी हैं. जब उनकी कृपा होगी तो अयोध्या में मंदिर बनकर ही रहेगा. इसमें कोई संदेह नहीं है, तो फिर संतों को इसे लेकर संदेह कहां से पैदा हो जाता है. आपने इतना धैर्य रखा, मुझे लगता है कि कुछ दिन और धैर्य रखना होगा. आशावाद पर दुनिया टिकी हुई है.’ उन्होंने कहा कि यह सच है कि अयोध्या ही नहीं भारत के बहुसंख्यक समाज की भावनाएं हैं, उनकी भावनाओं से हमारी भावनाएं भी जुड़ी हैं. मंदिर मुद्दे के समाधान का एक मार्ग निकलना ही चाहिए. Also Read - राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राम मंदिर के लिए दिए 5 लाख रुपए, दान देने वाले पहले भारतीय बने, VHP बोली...

कांग्रेस पर साधा निशाना
योगी ने बगैर कहा कि इस पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने उच्चतम न्यायालय में अर्जी दाखिल करके कहा कि रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद की सुनवाई वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद हो. वहीं, कांग्रेस के ही लोग कह रहे हैं कि भाजपा मंदिर मुद्दे पर कुछ नहीं कर रही है. कहीं ऐसा तो नहीं कि जब विवाद का पटाक्षेप नजदीक है, तब ये लोग कोई दूसरी साजिश रच रहे हों. Also Read - Driving License Latest Update: अब चुटकियों में बन जाएगा ड्राइविंग लाइसेंस, बदल गए हैं नियम, जानिए

अयोध्या की होती रही है उपेक्षा
उन्होंने कहा कि जहां तक अयोध्या की बात है तो यह वर्षों तक उपेक्षित रही है. हमने अपने तीर्थ को भुला दिया था. अयोध्या में सफाई नहीं होती थी. बुनियादी सुविधाओं के लिए तरसना पड़ता था. उसे वैश्विक प्रयास दिलाने के जो प्रयास होने चाहिए थे, वे नहीं हुए. हमने इसे वैश्विक मान्यता दिलाने के लिए ही यहां भव्य आयोजन किए. वहां बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराईं.

बीजेपी से नाराज है संत समाज
बता दें कि राम मंदिर निर्माण को लेकर संत समाज बीजेपी से नाराज है. कई संत बयान दे चुके हैं कि अगर राम मंदिर नहीं बना तो वह 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी का साथ नहीं देंगे और बीजेपी के खिलाफ प्रचार करेंगे. कई संत यहां तक बयान दे चुके हैं कि राम मंदिर को लेकर बीजेपी सरकार धोखा दे रही है. बजो ने राम के नाम पर सरकार बनाई और फिर मंदिर बनाने में तालामतोली कर रही है.