सीतापुर (उप्र): उत्तर प्रदेश में जेल में बंद समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खान ने शनिवार को आरोप लगाया कि उनके साथ बहुत ही अमानवीय बर्ताव किया जा रहा है, बिल्कुल आतंकवादियों की तरह. शनिवार की सुबह खान को एक मामले की सुनवाई के लिये सीतापुर जेल से रामपुर ले जाया गया. रामपुर जाते समय जेल के बाहर जेल की मोबाइल वैन से चिल्लाते हुये पत्रकारों से कहा कि ‘बहुत अमानवीय बर्ताव हुआ है मेरे साथ. बिल्कुल आतंकियों की तरह. खान के बेटे अब्दुल्ला आजम और विधायक पत्नी तंजीम फात्मा को भी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच रामपुर ले जाया गया है. Also Read - VIDEO: TMC से BJP में शामिल होने के बाद मंच पर ही 'उठक-बैठक' करने लगे नेता, वजह भी बताई

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रामपुर की एक अदालत ने बुधवार को रामपुर से समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खान, रामपुर सदर सीट से विधायक उनकी पत्नी तजीन फातिमा और स्वार सीट से सपा विधायक उनके पुत्र अब्दुल्ला को फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के मामले में दो मार्च तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिए थे. बाद में खान उनकी विधायक पत्नी और बेटे को गुरुवार की सुबह सीतापुर जिला जेल स्थानांतरित कर दिया गया है. आजम, उनकी पत्नी तंजीम और पुत्र अब्दुल्ला ने अपर जिला न्यायाधीश—6 (एमपी, एमएलए) धीरेन्द्र कुमार की अदालत में बुधवार को समर्पण किया था जहां से तीनों को दो मार्च तक के लिये न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था.

अदालत ने गत 24 फरवरी को आजम खान परिवार की अग्रिम जमानत की याचिका ठुकरा दी थी और उसकी सम्पत्ति की कुर्की का आदेश देते हुए गैर—जमानती वारंट भी जारी किया था. गौरतलब है कि विशेष एमपी—एमएलए कोर्ट ने गत मंगलवार को तीनों के कुर्की वारंट के साथ ही गिरफ्तारी के लिए गैर जमानती वारंट जारी किए थे. भाजपा के स्थानीय नेता आकाश सक्सेना ने पिछले साल दर्ज कराये गये मुकदमे में अब्दुल्ला के दो-दो जन्म प्रमाण पत्र बनवाये जाने का आरोप लगाया था. एक प्रमाण पत्र रामपुर से तो दूसरा लखनऊ से जारी किया गया है. जांच में आरोप सही पाये गये.

रामपुर नगर पालिका द्वारा जारी एक जन्म प्रमाणपत्र में अब्दुल्ला की जन्मतिथि एक जनवरी 1993 लिखी है. वहीं दूसरे प्रमाणपत्र में उनका जन्मस्थान लखनऊ दिखाया गया है और उनकी जन्मतिथि 30 सितम्बर 1990 लिखी है. आरोप है कि आजम और उनकी पत्नी तजीम ने साजिश करके अब्दुल्ला के दो जन्म प्रमाणपत्र बनवाये. अदालत ने इस मामले में पेश होने के लिये कई बार समन जारी किये लेकिन आजम खां और उनका परिवार हाजिर नहीं हुआ. उसके बाद अदालत ने कुर्की और गैरजमानती वारंट जारी किया था. (इनपुट एजेंसी)