नई दिल्‍ली: फिल्‍म एक्‍ट्रेस और बीजेपी नेत्री जया प्रदा ने एक बार फिर समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खान को लेकर नया बयान दिया है. जया प्रदा ने आजम खान के खिलाफ दर्ज जमीन हड़पने के मामलों को लेकर कहा है, यह महिला के आंसुओं का श्राप है, जो उन्‍होंने बहाए हैं. अब वह हर जनसभा में कराह रहे हैं, वह मुझे अच्‍छी एक्‍ट्रेस कहते थे, लेकिन अब वह क्‍या कर रहे हैं.

बता दें कि बीजेपी से पहले जय प्रदा समाजवादी पार्टी से सांसद रह चुके हैं, लेकिन सपा में रहते हुए आजम खान से उनके संबंध खराब हो गए थे. बीते 15 सालों से दोनों की सियासी जंग में एक दूसरे पर तीखे हमले बोलते रहे हैं. दरअसल, 2004 में आजम रामपुर से चुनाव लड़ना चाहते थे. तत्कालीन सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव के बेहद करीबी रहे अमर सिंह की करीबी जया को मौका दिया गया था. इससे चलते आजम खान और जया के बीच सियासी दुश्‍मनी शुरू हो गई थी.

जया ने आजम को बताया था खिलजी
पिछले साल 2018 में आई फिल्म ‘पद्मावत’ को देखने के बाद जया प्रदा ने आजम को लेकर बयान दे दिया था. जया ने कहा था कि वह जब फिल्म देख रही थीं तो उन्हें आजम खां की याद आ गई. फिल्म के खिलजी के किरदार को देख मुझे आजम की याद आई. चुनाव के दौरान ऐसे ही मुझे परेशान किया गया था. जया ने आजम खां का नाम लिया था.

आजम ने जया को कहा था- नाचने गाने वाली
इसके बाद आजम खां ने जया प्रदा को जवाब देते हुए कहा था कि वह नाचने-गाने वालों का जवाब नहीं देता. मैं अभी दूसरे-कामों में व्यस्त हूं. इससे पहले जया ने आजम पर आरोप लगाया गया था कि उन्हें जान को ख़तरा है. उन पर तेज़ाब फेंका जा सकता है. मैं घर से बाहर जाती हूं तो पता नहीं होता तो ज़िंदा लौटूंगी या नहीं.

जया ने कहा था- आप मुझे इस नजर से देखते हैं कि मैं नाचने वाली हूं
जया प्रदा ने कहा था कि ‘आज़म खान साहब मैंने आपको भाई कहा, लेकिन आपने मुझे बहन के नाम से बद्दुआ दी. आपने मुझे ज़लील किया, क्या हमारे भाई कभी इस नज़र से देखते हैं कि मैं नाचने वाली हूं. इसलिए मैं रामपुर छोड़ के जाना चाहती थी. जया प्रदा ने कहा कि ‘मैंने मुलायम सिंह जी को भी बताया था कि मेरी अश्लील तस्वीरें रामपुर में घुमा रहे हैं, मुझे बचाइए, लेकिन रामपुर में किसी नेता ने मुझे बचाने की कोशिश नहीं की, तो मुझे रामपुर छोड़ कर जाना पड़ा.

आजम ने कहा था कि इनके नीचे का अंडरवियर खाकी रंग का है
आज़म खान के खिलाफ चुनाव लड़ रहीं जयाप्रदा को लेकर ऐसा विवादित बयान दिया था. इस पर आज़म के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी, आज़म ने रामपुर में अखिलेश यादव की मौजूदगी में कहा था कि ‘जिनको हमने रामपुर की गलियों में ऊंगली पकड़ कर चलना सिखाया, उन्हें आपको पहचानने में 17 साल लग गए, लेकिन मैं 17 दिन में पहचान गया था कि इनके नीचे का अंडरवियर खाकी रंग का है’. 2004 से शुरू हुई तकरार अब मां-बहन से होते हुए अंडरवियर तक पहुंच गई है.

आजम के बेटे ने जयाप्रदा को कहा ‘अनारकली’
अप्रैल में रामपुर भाजपा का चुनावी अभियान खत्म होने के बाद भाजपा प्रत्याशी जयाप्रदा को लेकर आजम खान आजम खान के बेटे अब्दुल्लाह अजान खान ने पान दरेबा में बैठक के बाद कहा, “अली भी हमारे, बजरंग बली भी हमारे. हमें अली भी चाहिए, बजरंग बली भी चाहिए, लेकिन अनारकली नहीं चाहिए.”

आजम खान पर 72 घंटे का प्रतिबंध लगा था
जया ने रामपुर में सभा के दौरान कहा था, “बसपा प्रमुख यह कल्पना कर सकती हैं कि वह अगर इनके साथ आती हैं तो वह उनको ये अपने एक्स-रे वाले नजरिए से कैसे देखेंगे.” इसके पहले निर्वाचन आयोग ने अभिनेत्री पर अभद्र टिप्पणी करने पर आजम खान पर 72 घंटे का प्रतिबंध लगाया था, उस दौरान वह चुनाव अभियान में भाग नहीं ले पाए थे. निर्वाचन आयोग ने मायावती और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी उनके विवादास्पद भाषण के लिए पाबंदी लगाई थी.

दो बार सांसद चुनी जा चुकी हैं जया
बता दें कि जया प्रदा सपा से पहले तेलुगु देशम पार्टी व राष्ट्रीय लोक दल में भी रही हैं. दो बार सांसद व एक बार राज्यसभा रहीं जयाप्रदा ने एक समय फ़िल्मी दुनिया पर राज किया है. जया ने 2009 और 2014 चुनाव में रामपुर का प्रतिनिधित्व किया था. दोनों बार उन्होंने रामपुर से कांग्रेस की नूर बानो को शिकस्त दी थी. उन्होंने 1994 में तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) में शामिल होकर राजनीति में प्रवेश किया था. बाद में वह समाजवादी पार्टी में शामिल हो गई थीं लेकिन पार्टी विरोधी गतिविधियों की वजह से 2010 में उन्हें निष्कासित कर दिया गया था.