लखनऊ : सीबीआई की विशेष अदालत (अयोध्या प्रकरण) ने शुक्रवार को तय किया कि अयोध्या में ढांचा ढहाये जाने के मामले में आगे की सुनवाई वीडियो कांफ्रेंस के जरिए जारी रहेगी. इस मामले में पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती, विनय कटियार, विहिप नेता चंपत राय बंसल और अन्य लोगों के नाम हैं. Also Read - अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए भारी मात्रा में लोगों ने की दान, अबतक इतने लोगों ने पैसे किए ट्रांसफर

उच्चतम न्यायालय ने आठ मई को विशेष अदालत को निर्देश दिया था कि वह मुकदमे की कार्यवाही 31 अगस्त तक पूरी कर ले. इससे पहले मुकदमे की कार्यवाही 20 अप्रैल को संपन्न होनी थी लेकिन लॉकडाउन के चलते अदालतें बंद होने के कारण ऐसा नहीं हो सका. Also Read - ऐसे ही नहीं लिया जाता अयोध्या में श्री राम का नाम, सीता कुंड में जाते ही मिट जाते हैं पाप, जानिए और भी कई बातें

अदालत ने सीबीआई की ओर से पेश अभियोजन पक्ष के सभी गवाहों के बयान दर्ज कर लिये हैं. अब आरोपियों को यह सूचित किया जाना है कि उनके खिलाफ क्या साक्ष्य पेश हुए . इस बीच बचाव पक्ष ने शुक्रवार को अर्जी लगायी कि वह अभियोजन पक्ष के तीन गवाहों से जिरह करना चाहता है. Also Read - अयोध्‍या में रामजन्मभूमि परिसर में प्राचीन मंदिर के मिले अवशेषों को ट्रस्‍ट करेगा संग्रहित

अर्जी पर विशेष न्यायाधीश एस के यादव ने बचाव पक्ष से कहा कि वह सवालों की सूची सौंपे, जो वह अभियोजन पक्ष के गवाहों से करना चाहता है. अदालत मामले की अगली सुनवाई 18 मई को करेगी. अयोध्या पुलिस में दर्ज दो प्राथमिकी के परिप्रेक्ष्य में 1992 में विवादित ढांचा ढहाये जाने के संबंध में लखनउ की अदालत में मुकदमा चल रहा है .

(इनपुट: भाषा)