बागपत (यूपी): बागपत जिले के छपरौली क्षेत्र के जंगल में ग्रामीणों द्वारा बिछाए गए जाल में फंसे तेदुएं की मौत हो गई. घटना की जांच के आदेश दिए गए हैं. प्रभागीय वन अधिकारी अनिल मिश्र ने आज बताया कि ककौर गांव में कल तेंदुए के जाल में फंसे होने की जानकारी मिली थी. वन विभाग के दल के मौके पर पहुंचने से पहले स्थानीय पशु चिकित्सकों की टीम ने तेंदुए को बेहोश करने के लिए इंजेक्शन दिया था. Also Read - Corona Spike in UP: यूपी में COVID19 के 15,353 नए केस आए इलाहाबाद HC में कल से ऑनलाइन सुनवाई

उन्होंने बताया कि वन विभाग की टीम को तेंदुआ अचेत अवस्था में मिला था. उसके बाद तेंदुए को पिंजरे में डाला गया. उसे होश में लाने के लिए पशु चिकित्सकों ने उसे फिर इंजेक्शन दिया, लेकिन तेंदुए पर असर नहीं हुआ. थोड़ी ही देर बाद उसकी मौत हो गई. ग्रामीण और वन विभाग के अफसर तेंदुए की मौत के लिए एक-दूसरे को दोषी ठहरा रहे हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग के अधिकारियों तथा कर्मचारियों ने तेंदुए को बचाने की पेशेवर कोशिश नहीं की. तेंदुए को बेहोश करने के लिए ट्रेंकुलाइजर लगाने वाली टीम भी सही समय पर नहीं आई. Also Read - COVID-19: देश की सड़कें फिर नजर आईं सूनी, कोरोना संक्रमण के 72 फीसदी से ज्‍यादा केस सिर्फ इन 5 राज्यों से हैं

वहीं, वन विभाग के अधिकारियों का दावा है कि ग्रामीणों ने तेंदुए को यातनाएं दी. इससे उसकी मौत हो गई. मुख्य वन संरक्षक पवन कुमार के अनुसार वाइल्ड लाइफ क्राइम कंजरवेटर को घटना की जांच के लिए बागपत भेजा गया है. जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी. प्रधान मुख्य वन सरंक्षक को घटना की सूचना दे दी गई है. मृत तेंदुए को पोस्टमार्टम के लिये भेजा गया है. Also Read - Covid19: इन 10 राज्यों में 83.29 प्रतिशत कोरोना वायरस संक्रमण के नए मामले