बागपत (यूपी): बागपत जिले के छपरौली क्षेत्र के जंगल में ग्रामीणों द्वारा बिछाए गए जाल में फंसे तेदुएं की मौत हो गई. घटना की जांच के आदेश दिए गए हैं. प्रभागीय वन अधिकारी अनिल मिश्र ने आज बताया कि ककौर गांव में कल तेंदुए के जाल में फंसे होने की जानकारी मिली थी. वन विभाग के दल के मौके पर पहुंचने से पहले स्थानीय पशु चिकित्सकों की टीम ने तेंदुए को बेहोश करने के लिए इंजेक्शन दिया था. Also Read - UP कैबिनेट ने Ayodhya Airport का नया नाम मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम एयरपोर्ट करने के प्रस्‍ताव को पास किया

उन्होंने बताया कि वन विभाग की टीम को तेंदुआ अचेत अवस्था में मिला था. उसके बाद तेंदुए को पिंजरे में डाला गया. उसे होश में लाने के लिए पशु चिकित्सकों ने उसे फिर इंजेक्शन दिया, लेकिन तेंदुए पर असर नहीं हुआ. थोड़ी ही देर बाद उसकी मौत हो गई. ग्रामीण और वन विभाग के अफसर तेंदुए की मौत के लिए एक-दूसरे को दोषी ठहरा रहे हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग के अधिकारियों तथा कर्मचारियों ने तेंदुए को बचाने की पेशेवर कोशिश नहीं की. तेंदुए को बेहोश करने के लिए ट्रेंकुलाइजर लगाने वाली टीम भी सही समय पर नहीं आई. Also Read - UP की Court ने 100 साल की बुजुर्ग महिला से रेप के दोषी को सुनाई उम्रकैद

वहीं, वन विभाग के अधिकारियों का दावा है कि ग्रामीणों ने तेंदुए को यातनाएं दी. इससे उसकी मौत हो गई. मुख्य वन संरक्षक पवन कुमार के अनुसार वाइल्ड लाइफ क्राइम कंजरवेटर को घटना की जांच के लिए बागपत भेजा गया है. जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी. प्रधान मुख्य वन सरंक्षक को घटना की सूचना दे दी गई है. मृत तेंदुए को पोस्टमार्टम के लिये भेजा गया है. Also Read - उत्तर प्रदेश सरकार में ग्रुप ‘सी’ के पदों पर भर्ती प्रक्रिया में बदलाव, अब ऐसे होगी परीक्षा