बागपत: यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने किसानों को अजीबो-गरीब सलाह दी है. उन्होंने बागपत में कहा कि किसानों को गन्ने की बजाय और भी फसलें करनी चाहिए. किसान गन्ना कम उगाएं क्योंकि ज्यादा चीनी से लोग शुगर (डायबिटीज) का शिकार हो रहे हैं. सीएम योगी ने ये भी कहा कि किसान अन्य फसलें भी करें. दिल्ली का बाजार पास है. उन्हें फायदा होगा. वैसे भी लोग शुगर की वजह से बीमार हो गए हैं.

बागपत में हुई जनसभा के दौरान सीएम योगी ने कहा कि ‘बीजेपी सरकार ने 36,000 करोड़ रुपए का भुगतान सीधे गन्ना किसानों के खातों में भेजा है. बाकी 10,000 करोड़ का भुगतान भी जल्द होगा. यदि चीनी मिलों ने 15 अक्टूबर तक गन्ना किसानों का भुगतान नहीं किया तो मिल मालिकों पर डंडा चलाया जाएगा. ‘बता दें कि सीएम योगी व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी मंगलवार को दिल्ली सहारनपुर राष्ट्रीय राजमार्ग का शिलान्यास करने पहुंचे थे. इस दौरान नितिन गडकरी हमने हाईवे बनाने का काम तेजी से किया है. यह सरकार की बड़ी उपलब्धि है.

गन्ना किसानों को ‘बेल आउट पैकेज’ चुनावी शिगूफा, समस्या का स्थाई समाधान नहीं: भाकियू

भाकियू ने कहा- योगी बताएं कौन सी फसल बोएं किसान
वहीँ, योगी के बयान को लेकर किसान नेताओं ने आलोचना की है. भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार को ये बताना चाहिए गन्ने की बजाय और कौन से फसल किसानों को करनी चाहिए. और अगर खेत खाली रहते हैं तो क्या सरकार उसका मुआवजा देगी. उनका कहना है कि सरकार गन्ना किसानों का भुगतान नहीं कर पा रही है, इसलिए अब ऐसे बयान आ रहे हैं.

कैराना उपचुनाव: शामली में गरजे योगी, ‘गन्ना हमारा मुद्दा, पर नहीं लगने देंगे जिन्ना की फोटो’

उपचुनाव में गन्ना था मुद्दा, चुनाव हारी थी बीजेपी
बता दें कि कुछ समय पहले कैराना लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में गन्ना किसानों का भुगतान बड़ा मुद्दा था. भुगतान नहीं होने से किसान नाराज थे. उसी समय अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में जिन्ना की तस्वीर को लेकर बवाल शुरू हो गया था, तब कैराना के लोगों और राष्ट्रीय लोक दल ने ‘गन्ना बनाम जिन्ना’ का नारा दिया था और कहा था कि गन्ना ही जीतेगा. बीजेपी को यहां हार का सामना करना पड़ा था.