लखनऊ: अब तक खबरें आती थी कि बाहुबली अतीक अहमद जेल में रहते हुए अपना गैंग चलाता है, लेकिन अब उसने जेल को ही फिरौती-वसूली का अड्डा बना दिया है. देवरिया जेल में बंद अतीक अहमद ने एक जमीन कारोबारी को पहले किडनैप कराया. इसके बाद गुर्गे कारोबारी को लखनऊ से 315 किलोमीटर दूर देवरिया जेल लेकर गए. यहां अतीक अहमद ने उसे अपने गुर्गों से जेल में ही बुरी तरह से पिटवाया. आरोप है कि उसकी 45 करोड़ की सम्पत्ति हड़पने के लिए उसकी फर्में अपने नाम करा लीं. इतना सब होता रहा, फिर भी पुलिस, जेल प्रशासन या खुफिया विभाग को इसकी भनक तक नहीं लग पाई. घटना तब सामने आई जब कारोबारी पुलिस के पास पहुंचा. इसके बाद हड़कंप मच गया. एक्शन में आए आलाधिकारियों ने 200 से अधिक सुरक्षाकर्मियों के साथ जेल में छापा मारा, लेकिन किसी के हाथ कुछ खास नहीं लगा. यहां तक कि जेल में लगे सीसीटीवी कैमरे से कुछ समय के फुटेज तक गायब हैं. पुलिस प्रशासन ने अतीक अहमद को आज देवरिया जेल से बरेली जेल स्थानांतरित कर दिया है.

किडनैप कर 315 किलोमीटर दूर जेल लेकर पहुंचे गुर्गे
यूपी की जेलों से गैंग चलते हैं, ये खबरें पहले भी आती थीं, लेकिन इस बार बाहुबली अतीक अहमद ने जेल में रहते हुए जो किया, उसने सभी को हैरान कर दिया है. बताया जा रहा है कि अतीक अहमद के गुर्गों ने लखनऊ के कारोबारी मोहित जायसवाल से रंगदारी मांगी. रंगदारी नहीं दिए जाने पर अतीक अहमद के गुर्गों ने मोहित जायसवाल को लखनऊ से किडनैप कर लिया. उसे लखनऊ से करीब 315 किलोमीटर दूर देवरिया ले जाया गया. उसे देवरिया जेल ले गए, जहां अतीक अहमद बंद था. आरोप है कि अतीक अहमद ने अपने गुर्गों से जेल में मोहित को बुरी तरह से पिटवाया.

जेल की सीसीटीवी कैमरे से कुछ समय के फुटेज गायब
मोहित के अनुसार, पिटाई करते हुए अतीक अहमद ने उससे 45 करोड़ की संपत्ति को अपने नाम से किए जाने के कागजातों पर दस्तखत करा लिए. इसके बाद उसे छोड़ दिया. मोहित ने घटना की जानकारी जैसे ही पुलिस को दी, हड़कंप मच गया. आनन-फानन देवरिया के डीएम अमित किशोर और एसपी एन. कोलांची ने 200 सुरक्षकर्मियों के जेल में छापा मारा, लेकिन छापेमारी से कुछ हासिल नहीं हुआ. पुलिस का कहना है कि वह जेल के सीसीटीवी खंगाल रही है. पुलिस का ये भी कहना है कि हो सकता है फुटेज से छेड़छाड़ की गई हो, क्योंकि कुछ समय की रिकॉर्डिंग भी गायब है. घटना की जांच के लिए टीम गठित की गई है. वहीं, आज अतीक अहमद को देवरिया जेल से बरेली जेल ले जाया गया है. इस घटना ने उत्तर प्रदेश की जेलों से गैंग चलाने के दावों को मजबूत कर दिया है.

जेल में मारा गया था मुन्ना बजरंगी
बता दें कि माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी पर भी जेल से गैंग चलाने के आरोप लगते थे. इसके बाद बागपत जेल में मुन्ना बजरंगी की हत्या कर दी गई थी. मुन्ना बजरंगी की गोली मारकर हत्या की गई थी. मुन्ना पहले ही आशंका जता रहा था कि उसकी हत्या हो सकती है, लेकिन किसी ने सोचा भी नहीं था कि उसे जेल में मार दिया जाएगा. मुन्ना की हत्या से जेल में सुरक्षा के सवाल को लेकर जमकर बवाल मचा था.