बलिया: समाजवादी पार्टी के नेता और उत्तर प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता रामगोविंद चौधरी ने बीजेपी पर राम मंदिर विवाद को लेकर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि यदि बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी ने रथ यात्रा नहीं निकाली होती तो लोगों न उन्मादी होकर बाबरी मस्जिद गिराते और न ही विवाद इतना आगे बढ़ता. उन्होंने कहा कि अयोध्या में बाबरी मस्जिद नहीं ढहाई जाती तो अब तक ये विवाद हल निकलने के साथ ही खत्म हो चुका होता. इसके लिए बीजेपी और आरएसएस जिम्मेदार है.

बलिया में एक कार्यक्रम में पहुंचे विपक्ष के नेता राम गोविंद चौधरी ने कहा कि ये मामला तभी हल हो जाता जब मंदिर का ताला खुलवाया गया था. देश में सुकून बना रहता, लेकिन लाल कृष्णा आडवाणी ने 1990 में रथ यात्रा के बाद लोग उन्मादी हो गए. और उन्होंने बाबरी मस्जिद ढहा दी. सपा नेता ने कहा कि लोग भगवान राम को अपना इष्ट देवता मानते हैं, लेकिन बीजेपी भगवान राम को ‘वोट देवता’ मानती है. वह जिस तरह से राम का नाम इस्तेमाल करती है उसी की वजह से सारी आपदाएं आ रही हैं. सूखा भी इसी कारण पड़ता आया है. ये भगवान् का दंड है.

बता दें कि अयोध्या राम जन्मभूमि मामले में 1994 के इस्माइल फारुकी के फैसले में पुनर्विचार के लिए मामले को संविधान पीठ भेजा जाए या नहीं, इस मसले पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है. मुख्‍य न्‍यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली 3 जजों की पीठ में शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान हिन्दू और मुस्लिम पक्ष के वकीलों के बीच तीखी बहस हुई.