बांदा: उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के गिरवां थाना क्षेत्र के एक गांव में तीन दिन पूर्व चार साल की एक दलित बच्ची को सोते समय उठा ले जाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया था. इस घटना को लेकर शनिवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा. सैकड़ों की तादाद में एकजुट ग्रामीण दो माह के भीतर दुष्कर्मियों को फांसी की सजा देने की मांग को लेकर खुरहंड कस्बे में बांदा-कर्वी सड़क मार्ग पर जाम लगा दिया. परिजनों ने बच्ची के इलाज के लिए 10 लाख रुपए की भी मांग की है. Also Read - UP की Court ने 100 साल की बुजुर्ग महिला से रेप के दोषी को सुनाई उम्रकैद

अपर पुलिस अधीक्षक लाल भरत कुमार पाल ने बताया कि दलित बच्ची से सामूहिक दुष्कर्म किए जाने के मामले में शनिवार की दोपहर में ग्रामीण खुरहंड कस्बे में करीब एक घंटे तक सड़क जाम किए रहे. उन्हें समझा-बुझाकर शांत किया गया और जाम खुलवाया गया. उन्होंने बताया कि ग्रामीण पीड़ित बच्ची के इलाज के लिए दस लाख रुपये की आर्थिक सहायता और आरोपियों को दो माह के भीतर फांसी की सजा दिए जाने की मांग कर रहे थे. Also Read - उत्तर प्रदेश सरकार में ग्रुप ‘सी’ के पदों पर भर्ती प्रक्रिया में बदलाव, अब ऐसे होगी परीक्षा

ग्राम प्रधान राजा सिंह यादव और उनकी ब्लॉक प्रमुख पत्नी शशि यादव की अगुआई में मसुरी और आस-पास के सैकड़ों ग्रामीण शनिवार दोपहर सड़क पर उतर आए और जाम लगा दिया. ग्राम प्रधान ने बताया कि पीड़ित बच्ची इस समय कानपुर की हैलट अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रही है. परिवार की आर्थिक हालत इतनी खराब है कि वह बच्ची का इलाज भी सही से नहीं करा सकते. उन्होंने बताया कि इलाज के लिए दस लाख रुपये, दुष्कर्म के आरोपियों को दो माह में मौत की सजा दिए जाने के अलावा गांव में पुलिस चौकी खोले जाने की मांग को लेकर सड़क जाम किया गया है. Also Read - UP: कूड़ा फेंकने के विवाद में चचेरे भाइयों ने आधी रात को सिपाही, मां और बहन की हत्‍या कर दी