बांदा: उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में शुक्रवार की शाम नरैनी क्षेत्र के भाजपा विधायक राजकरन कबीर को अवैध खनन से नाराज महिला किसानों के जबरदस्त विरोध का सामना करना पड़ा. बीजेपी विधायक केन नदी की कोलावल रायपुर बालू खदान के खिलाफ जल सत्याग्रह में शामिल महिला किसान नाराज होकर उन्हें चारों तरफ से अपने घेरे में ले लिया. उन्हें उनके सुरक्षाकर्मियों ने बमुश्किल महिलाओं की गिरफ्त से मुक्त कराया. दरअसल, नरैनी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कोलावल, रायपुर और बरियारी गांव के सैकड़ों किसान केन नदी में बालू के अवैध खनन के खिलाफ गुरुवार को जल सत्याग्रह किया था, इसमें भारतीय जनता पार्टी के नरैनी विधायक राजकरन कबीर और तिंदवारी विधायक बृजेश प्रजापति ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेकर नदी में ही धरने में बैठ गए थे और दोनों विधायकों ने बालू के अवैध खनन के खिलाफ आंदोलन की हुंकार भरी थी.

वहीं, शुक्रवार की दोपहर में सैकड़ों किसान जब पैदल लखनऊ के लिए निकले और दरगाही पुरवा गांव के पास नरैनी-बांदा सड़क मार्ग में जाम लगा दिया, तब सरकारी अमले के साथ पहुंचे नरैनी विधायक ने किसानों के ही सामने मीडिया को दिए बयान में कह दिया कि ‘यह आंदोलन भाजपा सरकार के खिलाफ है, इसलिए हम अवैध बालू खनन के खिलाफ कोई आंदोलन नहीं करेंगे.’ विधायक के इतना कहते ही महिला किसान भड़क गईं और करीब पांच दर्जन मकहिलाओं ने उन्हें चारों तरफ से घेरकर अपने कब्जे में ले लिया. इतना ही नहीं, महिलाओं ने विधायक पर बालू माफियाओं से हाथ मिलाने का भी आरोप लगाकर उन्हें खूब खरी-खोटी भी सुनाई. काफी मशक्कत और धक्का-मुक्की के बाद सरकारी सुरक्षाकर्मी विधायक को महिलाओं के कब्जे से मुक्त करा पाए. विधायक राजकरन कबीर ने शनिवार को कहा कि वह किसानों का अहित नहीं चाहते, बशर्ते किसान भाजपा सरकार का विरोध न करें.

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उन्होंने किसानों के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि कुछ लोग किसानों को भड़काकर अपनी नेतागिरी चमकाना चाह रहे हैं और गैर जरूरी आंदोलन करवा रहे हैं. विधायक कबीर ने कहा, ‘सामाजिक कार्यकर्ता राजाभइया सिंह यादव बिरादरी से हैं और सपा समर्थक हैं. बालू खनन का विरोध कर वह भाजपा सरकार को बदनाम करना चाहते हैं.’ एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, “14 जून, 2017 को उनके द्वारा अवैध बालू खनन और ट्रकों के ओरलाडिंग के खिलाफ नरैनी चौराहे में दिया गया धरना उस समय की जरूरत थी, अब खनन कार्य सरकार की मंशा के अनुरूप हो रहा है.’ विद्याधाम समिति के मुखिया राजाभइया सिंह ने विधायक पर पलटवार करते हुए कहा कि नरैनी विधायक दूध के धुले नहीं हैं, बालू के अवैध खनन व ओवरलोड ट्रकों से अवैध वसूली करते वक्त इनके सगे चचेरे भाई श्रीविशाल को पूर्व एसपी शालिनी ने रंगे हाथ गिरफ्तार कर जेल भेजा था.

अब भी इनका एक छोटा भाई कोलावल खदान के आस-पास दिन-रात ट्रैक्टर से अवैध खनन करवाता है. राजा भइया ने खुद पर लगाए गए सपा समर्थक होने के आरोप को झूठा बताया है. महिला किसानों की अगुआई कर रहीं चिंगारी संगठन की संयोजिका शहरोज फातिमा नरैनी विधायक से बेहद खफा हैं. उन्होंने कहा कि पहले विधायक किसानों के साथ खड़े रहे, रातभर में ऐसा क्या हुआ कि वह बालू माफियाओं की वकालत करने से परहेज नहीं किया. फातिमा ने कहा कि किसी भी किसान का राजनीति से सरोकार नहीं है, उन्होंने अपनी जान और फसल की सुरक्षा के लिए जल सत्याग्रह शुरू किया था. अगर विधायक अपनी दोमुंही राजनीति पर विराम नहीं लगाते तो महिला किसान उनके घर पर ‘घेरा डालो-डेरा डालो’ आंदोलन शुरू कर उन्हें ‘नजरबंद’ करेंगी.