बांदा: पाकिस्तान की मलाला यूसुफजई तालिबान के हमले के बाद भले ही दुनिया की नजरों में आ गई हों और नोबेल पुरस्कार से नवाजी गई हों, लेकिन उत्तर प्रदेश के बांदा शहर की गौसिया किसी ‘मलाला’ से कम नहीं है. मलाला को मुस्लिम बच्चियों में शिक्षा की अलख जगाने खातिर तालिबान के हमले का शिकार होना पड़ा था, लेकिन यहां तो उसके परिजन ही तालिबान बने हुए हैं. Also Read - Aaj Ka Panchang 24 January 2021: पौष पुत्रदा एकादशी पर पढ़ें आज का पंचांग, जानें सूर्योदय-सूर्यास्त का समय

पुलिस अधीक्षक कार्यालय में  छलका गौसिया का दर्द
पुलिस अधीक्षक कार्यालय में अपनी शिकायत को लेकर पहुंची गौसिया बेहद भावुक थीं. उनका आरोप है कि उनके अब्बू उनकी पढ़ाई रोक कर उनका निकाह करवाना चाहते हैं. गौरतलब है कि 23 साल की गौसिया को तीन माह से नजरबंद कर उसके परिजन जबरन निकाह कराने पर तुले हैं. लेकिन गौसिया ने हिम्मत दिखाते हुए नजरबंदी की जंजीरें तोड़कर कॉपी-किताबों के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय में बुधवार को धरना दिया. Also Read - जिस सशक्त भारत की कल्पना नेताजी ने की थी आज देश उसी नक्शे कदम पर चल रहा है: पीएम मोदी

तीन माह से अब्बू ने घर में बंद कर मारा-पीटा
शिकायत करते हुए गौसिया ने कहा कि, ‘ नेट परीक्षा देकर प्रोफेसर बनना चाहती हूं और हर धर्म की बच्चियों को शिक्षित करना चाहती हूं.’ गौसिया ने अपने परिजनों की शिकायत करते हुए कहा, ‘मेरे अब्बू तीन माह से मुझे नजरबंद कर मेरे साथ मारपीट कर रहे हैं और आगे की तालीम छोड़कर जबरन निकाह करना चाहते हैं.’ बांदा के अपर पुलिस अधीक्षक ने मामला कोतवाली पुलिस के हवाले कर आगे की पढ़ाई जारी रखने के लिए उसके परिजनों से कोतवाल को बात करने की सलाह दी. Also Read - लालू प्रसाद यादव को दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया, डॉक्टरों की टीम गठित

बातचीत से मामले का हल निकालने का प्रयास करेगी पुलिस
अपर पुलिस अधीक्षक लाल भरत कुमार ने कहा, गौसिया ने अपने परिजनों के खिलाफ एक शिकायत पुलिस अधीक्षक को संबोधित करते हुए मुझे दी है, जिसमें उसने तीन माह तक नजरबंद रखने और आगे की पढ़ाई बंद कर जबरन निकाह कराने की बात कही है. उसने अपनी शिकयत में यह भी कहा है कि वह नेट परीक्षा देकर प्रोफेसर बनना चाहती है और सभी धर्म की बच्चियों को शिक्षित करना चाहती है. उन्होंने बताया कि मामले की जांच को नगर कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया गया है और पुलिस उसके परिजनों से बात कर मामला सुलझा लिया जाएगा. (इनपुट एजेंसी)