लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर में पिछले दिनों होटल ब्लैक पेपर में मारपीट के मामले से चर्चाओं में आई महिला अधिवक्ता दीप्ति चौधरी की सदस्यता जिला बार एसोसिएशन ने रद्द कर दी है. इस बीच, दीप्ति को अदालत में पेश किया गया. अदालत ने उसे 20 हजार रुपये की जमानत कर रिहा कर दिया.

 

नगर पुलिस अधीक्षक रणविजय सिंह के अनुसार मेरठ में बुधवार को महिला अधिवक्ता दीप्ति चौधरी को थाने में हंगामे और नशे में धुत होकर गाड़ी चलाने के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार किया था. गुरुवार को पुलिस ने उसे अदालत में पेश किया. अदालत ने उसे 20 हजार रुपये की जमानत कर रिहा कर दिया. उल्लेखनीय है कि बुधवार देर शाम एसएसपी ऑफिस से लेकर कैंट स्थित सीडीए ऑफिस तक एक कार और दो बाइकों को टक्कर मारने वाली महिला अधिवक्ता दीप्ति चौधरी ने शराब के नशे में लालकुर्ती थाने में भी खूब हंगामा किया था. इसके बाद उसके खिलाफ दो मुकदमे दर्ज किए गए. इसी मामले में उसे आज अदालत में पेश किया गया था.

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जिला बार एसोसिएशन ने सदस्‍यता रद्द करने का लिया फैसला
उधर, जिला बार एसोसिएशन की हुई एक बैठक में महिला अधिवक्ता की सदस्यता रद्द करने का निर्णय लिया गया. जिला बार एसोसिएशन के महामंत्री प्रवीण कुमार सुधार ने बताया कि महिला अधिवक्ता की पहले भी कई बार शिकायत मिल चुकी थी. इस बार की शिकायत माफ करने लायक नहीं है, इसलिए उसकी सदस्यता रद्द की गई है. वहीं, महिला मेरठ बार एसोसिएशन की तरफ से आज एक कमेटी गठित की गई जो तय करेगी कि मेरठ बार एसोसिएशन की सदस्यता दीप्ति चौधरी के पास रहेगी या नहीं.

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भाजपा पार्षद से मारपीट का चल रहा मामला
गौरतलब है कि महिला अधिवक्ता और एक दरोगा ने भाजपा पार्षद मनीष चौधरी के रेस्तरां में भी हंगामा किया था जिसके बाद मनीष चौधरी ने दरोगा को पीटा और दरोगा ने मनीष चौधरी को. अधिवक्ता दीप्ति चौधरी और उनके मित्र दरोगा सुखपाल सिंह के साथ मारपीट के मामले में पुलिस ने बीते दिनों भाजपा पार्षद मनीष चौधरी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था.