बाराबंकी: लॉकडाउन (Lockdown) ने भले ही कई व्यवसायों को प्रभावित किया हो, लेकिन बाराबंकी (Barabanki) जिले में एक युवक ऐसा है, जिसने मौजूदा परिस्थितियों में एक नया व्यवसाय पाया है. शाहपुर गांव के रहने वाले उबैद अंसारी ने लाल और सफेद ‘गमछा’ बनाना शुरू कर दिया है, जैसा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए तब पहना था जब उन्होंने लॉकडाउन 2.0 की घोषणा की थी. Also Read - Covid-19 in West Bengal: कोरोना ने 6 और लोगों की ली जान, मरने वालों की संख्या 217 हुई, 4 हजार से ज्यादा संक्रमित

प्रधानमंत्री ने ‘गमछा’ को एक मास्क के रूप में पहना था और सुझाव दिया था कि इसे मास्क के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है. उबैद अंसारी ने कहा, “मैंने प्रधानमंत्री को मुंह पर ‘गमछा’ लगाए हुए देखा, जो बहुत आकर्षक लग रहा था और मैंने डिजाइन की नकल की. मैंने उसी डिजाइन के साथ ‘गमछा’ बनाना शुरू किया और मुझे उम्मीद से परे जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली. Also Read - सुप्रीम कोर्ट ने कहा- तबलीगी जमात पर फर्जी खबरों के आरोप वाली याचिकाओं में NBA भी बने पक्षकार

अब दूसरे राज्यों के लोग भी मुझसे ऐसे गमछे की मांग कर रहे हैं. लेकिन, मैं लॉकडाउन के कारण आपूर्ति सुनिश्चित नहीं कर सकता. ‘गमछा’ मेरे लिए एक ‘गेम चेंजर’ रहा है.” संयोग से, बाराबंकी को योगी आदित्यनाथ सरकार के ‘एक जिला, एक उत्पाद’ (ओडीओपी) योजना के तहत हैंडलूम उत्पादों के लिए सूचीबद्ध किया गया है. Also Read - बिहार में कोरोना संक्रमितों की संख्या तीन हजार पार, पटना में हैं सबसे अधिक मरीज

बता दें कि पीएम मोदी इन दिनों अक्सर गमछा पहने नज़र आते हैं. वह अपने मुंह को मास्क की बजाय गमछे से ही ढंके दिखते हैं. मार्केट में मास्क की बेहद कमी पड़ गई थी. इसके बाद पीएम मोदी ने कहा था कि अगर मास्क नहीं है तो गमछे को ही मुंह ढँक लें, कोरोना वायरस से बचाव के लिए ये बेहद ज़रूरी है.