लखनऊ: उत्‍तर प्रदेश के बरेली जिले में तलाक पीड़िता रजिया आखिरकार शौहर के जख्मों को बर्दाश्त नहीं कर पाई और जिंदगी की जंग हार गई. रजिया के पति ने उसे कमरे में बंद करके एक महीने तक भूखा-प्‍यासा रखा. कई बार उसे लोहे की रॉड से पीटा और अपने मामा के घर पर छिपा दिया. रजिया के परिवार वालों ने उसे किसी तरह छुड़ाया और जिला अस्‍पताल बरेली ले गए. मगर डाक्‍टरों ने उसे लखनऊ रेफर दिया. लखनऊ ले जाते वक्‍त उसने रास्‍ते में दम तोड़ दिया. Also Read - बलिया कांड: BJP विधायक बोले- दूसरे पक्ष की FIR दर्ज न होने पर आमरण अनशन करूंगा

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जानकारी के मुताबिक, उत्‍तर प्रदेश के बरेली जिले में थाना किला के स्वाले नगर की रहने वाली रजिया की शादी 13 साल पहले किला फाटक के पास नई बस्ती के रहने वाले नईम से हुई थी. शादी के कुछ समय बाद ही रजिया को दहेज में कार के लिए प्रताड़ित किया जाने लगा. परेशान होकर रजिया दो माह पहले मायके आ गई. इस पर दिल्ली में काम कर रहे रजिया के पति नईम ने उसे फोन पर तीन तलाक दे दिया. तलाक देने के बाद भी नईम का सितम यहीं खत्म नहीं हुआ.

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एक महीने तक लोहे की रॉड से पीटा, नहीं दिया खाना

रजिया के परिजनों के मुताबिक इसके बाद नईम बरेली आया और रजिया को बहाना करके अपने साथ ले गया. उसने रजिया को कमरे में बंद करके एक महीने तक भूखा-प्यासा रखा. कई बार उसे लोहे की रॉड से पीटा भी और फिर अपने मामा के घर छिपा दिया. सूचना मिलने पर परिवार वालों ने रजिया को किसी तरह छुड़ाया और जिला अस्पताल ले गए, मगर डॉक्टरों ने उसे लखनऊ रेफर कर दिया. इस पर मेरा हक फाउंडेशन की अध्यक्ष फरहत नकवी की कोशिशों से उसे फिर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया.

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लखनऊ में अस्‍पताल ले जाते समय तोड़ा दम

बरेली जिला अस्‍पताल में रजिया को भर्ती कराया गया, मगर उसकी तबीयत में कोई सुधार नहीं हुआ. इस पर दस दिन रजिया के परिजन उसे घर ले गए. इसके बाद वे उसे लखनऊ ले जाने लगे. सोमवार को घरवाले जब रजिया को लखनऊ ले जा रहे थे, तभी उसने रास्‍ते में दम तोड़ दिया.

मेरा हक फाउंडेशन ने राष्ट्रीय महिला आयोग तक पहुंचाया मामला

जानकारी के मुताबिक, तीन तलाक पीड़िता रजिया की मौत का मामला मेरा हक फाउंडेशन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर राष्ट्रीय महिला आयोग तक पहुंचा दिया है, संगठन की अध्यक्ष फरहत नकवी ने बताया कि रजिया के ससुराल वालों पर ठोस कार्रवाई किए जाने और इस तरह के मामलों पर रोक लगाने के लिए आवाज उठाई है. कहा कि रजिया जैसे केस बहुत हैं, ऐसा करने वाले ससुरालियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन महिलाओं को लेकर सड़कों पर उतरेगा.