लखनऊः उत्तर प्रदेश(Uttar Pradesh) के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ(CM Yogi Adityanath) ने राज्य में 30 जून तक कोई भी सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित करने की इजाजत नहीं देने के आदेश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने रविवार को यहां अपने सरकारी आवास पर कोविड-19 से निपटने के लिए गठित ‘टीम-11’ की समीक्षा बैठक के दौरान कहा कि आगामी 30 जून तक राज्य में कोई भी सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति न दी जाए. Also Read - बढ़ते लॉकडाउन और कोरोना के प्रभाव से परेशान हो गए हैं रणवीर सिंह, बोले- तबाह कर देने जैसा है

उन्होंने कहा,‘‘ पूरे राज्य में लॉकडाउन को सख्ती से लागू किया जाए. किसी भी हाल में कहीं भीड़ इकट्ठा न हो. पेट्रोलिंग बढ़ायी जाए और सोशल डिस्टेंसिंग को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए.’’ योगी ने कहा कि कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए पूल टेस्टिंग को बढ़ावा दिये जाने पर पर जोर देते हुए कहा कि इससे ज्यादा से ज्यादा लोगों की जांच करके कोरोना पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सकता है. Also Read - Coronavirus In India Update: संक्रमितों का आंकड़ा 1 लाख 51 हजार के पार, इस राज्य में सबसे अधिक मामले

योगी ने कहा कि कोरोना वायरस प्रभावित मरीजों के इलाज के लिए प्लाज्मा थेरेपी बढ़ाने पर विचार किया जाना चाहिए, क्योंकि इसके अच्छे परिणाम मिले हैं. उन्होंने देश के विभिन्न राज्यों में रह रहे उत्तर प्रदेशवासियों को पृथक-वास अवधि पूरी होने के बाद चरणबद्ध तरीके से प्रदेश वापस लाने के निर्देश दिये. Also Read - कोविड-19 जांच के लिए 4,500 रुपए की सीमा हटाई गई, अब राज्य और निजी प्रयोगशालाएं तय करेंगी कीमत

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस के मरीजों के उपचार में लगी डॉक्टर, नर्स, अर्धचिकित्सार्कियों तथा अन्य कर्मियों की टीम को हर हाल में मेडिकल इन्फेक्शन से बचाया जाए क्योंकि इस वायरस के खिलाफ जंग में मेडिकल टीम को सुरक्षित रखना अत्यन्त आवश्यक है. उन्होंने इसके लिए कोविड अस्पतालों में पर्याप्त संख्या में पीपीई किट, एन-95 मास्क की व्यवस्था और अस्पतालों की साफ-सफाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया .

योगी ने मेडिकल इन्फेक्शन की रोकथाम के लिए गठित की गयी टीम को कोरोना के इलाज में लगे सभी कर्मियों की लगातार निगरानी के निर्देश भी दिये. उन्होंने कहा कि कोविड-19 अस्पतालों में अनिवार्य रूप से सिर्फ कोविड संक्रमण का ही इलाज हो अन्य चिकित्सा गतिविधियां इन अस्पतालों में न की जाएं.

मुख्यमंत्री ने कहा कि लेन-देन के लिए रुपे कार्ड तथा अन्य माध्यम को बढ़ावा दिया जाए. उनका कहना था कि सभी ग्रामीण सेवाओं को मुहैया कराने के लिए ग्राहक सेवा केन्द्र (सी0एस0सी0) की तर्ज पर व्यवस्था बनायी जाए, जिससे बैंकों में होने वाली भीड़ को कम किया जा सके.

योगी ने कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि लॉकडाउन के कारण श्रमिकों को काम-धंधे मिलने में कोई असुविधा न हो. उन्होंने लोगों को रोजगार मुहैया कराने के लिए बनायी गयी कार्य योजना को शीघ्र लागू करने के निर्देश दिये.