UP News: मुरादाबाद जिले के बिलारी निवासी एक कारोबारी ने आरोप लगाया है कि फर्नीचर का बकाया दो लाख 67 हजार रुपये मांगने पर उप-जिलाधिकारी (एसडीएम) ने उसके घर पर बुलडोजर चलवा दिया है. इस बीच मुरादाबाद के जिलाधिकारी ने शनिवार की शाम एसडीएम बिलारी के पद से हटा कर घनश्याम वर्मा को जिला मुख्यालय से सम्बद्ध कर दिया है. मामले की शिकायत मिलने पर मुरादाबाद के मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह ने जिलाधिकारी को वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी से मामले की जांच कराने का निर्देश दिया है. आंजनेय कुमार सिंह ने इस संदर्भ में कहा, ‘‘मेरे पास 11 जुलाई को शिकायत आई थी और इसमें मैंने जिलाधिकारी को निर्देश दिया है कि घटना की जांच करके मुझे सूचित करें. जिलाधिकारी को यह भी स्पष्ट किया गया है कि जांच एडीएम (अपर जिलाधिकारी) स्तर के अधिकारी से कराया जाए.’’ मंडलायुक्त ने कहा कि जिलाधिकारी ने एडीएम (प्रशासन) को जांच सौंपी है और जांच अधिकारी ने शुक्रवार को जांच शुरू कर दी.
उन्होंने बताया, ‘‘मैंने एक सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट मांगी थी और आज-कल में रिपोर्ट मिल जाएगी. उसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी.’’ इस बीच शनिवार देर शाम एडीएम प्रशासन ने अपनी जांच रिपोर्ट मंडलायुक्त को सौंपी. मंडलायुक्त ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा, ‘‘रिपोर्ट पढ़ने के बाद इस संबंध में कोई टिप्पणी कर सकूंगा.’’ उन्होंने इसकी पुष्टि की है कि जिलाधिकारी मुरादाबाद ने घनश्याम वर्मा को एसडीएम बिलारी के पद से हटाकर उन्हें जिला मुख्यालय से सम्बद्ध कर दिया है.
जिलाधिकारी शैलेन्द्र कुमार सिंह ने पत्रकारों को बताया कि एडीएम प्रशासन को जांच के आदेश दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि एक और आरोप है कि शिकायतकर्ता ने क्षेत्र के एक तालाब पर कब्जा कर लिया है और अतिक्रमण के मामले में कोई कार्रवाई न हो, इसके लिए एसडीएम के खिलाफ शिकायत की है. उन्होंने कहा कि दोनों पहलुओं की जांच की जा रही है. मुरादाबाद के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों से की गई शिकायत में बिलारी के स्टेशन रोड निवासी फर्नीचर कारोबारी जाहिद अहमद ने कहा है कि बिलारी के एसडीएम घनश्याम वर्मा ने पलंग, कुर्सी, मेज, सोफा आदि पसंद किए और अपने आवास पर भिजवाने को कहा.
कारोबारी ने कहा कि उन्होंने एसडीएम के आवास पर फर्नीचर के साथ ही एक लाख 48 हजार रुपये का बिल भी भेजा. आरोप के मुताबिक़, एसडीएम ने तीन जुलाई को दीवान, सोफा समेत एक लाख 19 हजार रुपये का फर्नीचर और खरीदा और इसे हरदोई में अपनी बेटी के यहां भिजवाया. अहमद ने शिकायत में कहा है कि जब उन्होंने एसडीएम से फर्नीचर के बिल का बकाया दो लाख 67 हजार रुपये मांगो तो अधिकारी ने उन्हें बर्बाद करने की धमकी दी.
कारोबारी ने आरोप लगाया कि इसके बाद उन्होंने 11 जुलाई को मंडलायुक्त से शिकायत की लेकिन 12 जुलाई को एसडीएम ने बुलडोजर के साथ उनके (कारोबारी) घर तहसीलदार को भेज दिया और घर की दीवार गिरा दी गई. अहमद ने कहा कि जब उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से फोन पर गुहार लगाई तो बुलडोजर की कार्रवाई रुक गई. इस संबंध में घनश्याम वर्मा का पक्ष नहीं मिल सका.
समाजवादी पार्टी (सपा) ने इस मामले को लेकर सरकार पर निशाना साधा है. पार्टी के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से शुक्रवार को ट्वीट किया गया, ‘‘योगी जी के अधिकारी बुलडोजर से जनता का कर रहे शोषण. मुरादाबाद में फर्नीचर के रुपये मांगने पर एसडीएम बिलारी ने कारोबारी के घर पर बुलडोजर चलवाकर दीवार गिराई, निंदनीय एवं शर्मनाक.’’ इसी ट्वीट में सपा ने यह भी कहा है, ‘‘मामले का संज्ञान लें सीएम. एसडीएम के खिलाफ हो कार्रवाई. कारोबारी के नुकसान की भरपाई करे सरकार.’’ सपा के इस ट्वीट के जवाब में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश प्रवक्ता हरिश्चन्द्र श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘योगी की सरकार एक पारदर्शी सरकार है और आम या खास में कोई अंतर नहीं करती है. बड़े से बड़ा अधिकारी हो या सामान्य से सामान्य कोई हो, यदि उसके खिलाफ दोष सिद्ध पाया गया तो सरकार उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करेगी.’’ उन्होंने कहा कि विपक्ष के आरोप केवल राजनीति से प्रेरित हैं.
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