लखनऊ: यूपी की राजधानी में 26 जून यानी मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी और संघ की बैठक होने जा रही है. इसमें लोकसभा चुनाव 2019 को लेकर पार्टी की रणनीतियों पर चर्चा की जाएगी. साथ ही योगी मंत्रिमण्डल के विस्तार को लेकर भी विचार-विमर्श किया जाएगा. चर्चा है कि कुछ मंत्रियों के विभागों में फेरबदल की भी संभावना है. साथ ही कुछ मंत्रियों से महत्‍वपूर्ण विभाग भी छीने जा सकते हैं. Also Read - Kerala Election: क्या मेट्रोमैन Sreedharan नहीं होंगे केरल में CM पद के उम्मीदवार? जानें केंद्रीय मंत्री ने क्या कहा....

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राजधानी लखनऊ में 26 जून को होने वाली बैठक में भाजपा सरकार के अब तक कामकाज पर चर्चा की जाएगी. साथ ही बैठक में यह तय किया जाएगा कि आने वाले समय में योगी सरकार विकास के किन मानकों को लेकर आगे बढ़ेगी. साथ ही सरकार की अब तक की घोषणाओं का मूल्‍यांकन किया जाएगा. इसके अलावा बैठक में आगामी लोकसभा चुनाव 2019 को लेकर चर्चा की जाएगी. इस दौरान यह तय किया जाएगा कि पार्टी के सांसद, विधायक और वरिष्‍ठ पदाधिकारी मोदी और योगी सरकार की उपलब्धियों को जनजन तक पहुंचाने के लिए विशेष रणनीति बनाएंगे. क्‍योंकि संघ का मानना है कि भाजपा सरकार की सभी योजनाओं के बारे में जनता को पूरी जानकारी नहीं मिल पा रही है. ऐसे में यह जरूरी है कि आम जनता तक सरकार की योजनाओं की बात पहुंचायी जाए. Also Read - Assam Assembly Election 2021: कांग्रेस का वादा- सरकार बनी तो नौकरियों में महिलाओं को देंगे 50 प्रतिशत आरक्षण

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सीएम योगी से संघ नेताओं ने की थी मुलाकात

राजनीतिक सूत्रों कहना है कि भाजपा और संघ की बैठक में योगी मंत्रिमंडल में फेरबदल को अंतिम रूप दिया जा सकता है. क्‍योंकि बीते दिनों ही संघ के सह सरकार्यवाह कृष्ण गोपाल व भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ मुलाकात हो चुकी है. मुख्यमंत्री आवास पर हुई यह मुलाकात करीब दो घंटे से भी अधिक समय तक चली थी. साथ ही इस बैठक को काफी गोपनीय भी रखा गया था.

नाराज कार्यकर्ताओं को लेकर भी होगी चर्चा

मंगलवार को होने वाली भाजपा और संघ की बैठक में भाजपा के नाराज कार्यकर्ताओं के विषय में भी चर्चा की जाएगी. क्‍योंकि पार्टी के कार्यकर्ताओं को अब तक कोई विशेष दायित्व नहीं सौंपे जाने से इस प्रकार की नाराजगी बढ़ रही है. ऐसे में उसे दूर करने को लेकर संघ और भाजपा पदाधिकारी उस पर गहन मंथन करेंगे. आगामी लोकसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा नहीं चाहेगी कि उसके कार्यकर्ताओं को नाराज रखा जाए. ऐसे में सररकार के रिक्त पदों के साथ-साथ संगठन के खाली पदों पर भी शीघ्र ही कार्यकर्ताओं को बैठाया जाएगा.