लखनऊ: जिस अयोध्या विवाद की सुनवाई पर आज देश और दुनिया की निगाहें लगी हुई थीं, उस पर सुप्रीम कोर्ट ने पांच मिनट से कम समय में फैसला सुनाते हुए सुनवाई जनवरी, 2019 तक के लिए टाल दी है. मामले में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली 3 जजों की बेंच सुनवाई कर रही है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मामले की सुनवाई और फैसला जल्दी नहीं हो सकता है. सुप्रीम कोर्ट द्वारा सुनवाई टाले जाने के बाद राजनैतिक प्रतिक्रियाएं भी आना शुरू हो गई हैं.

सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या मामले की सुनवाई जनवरी 2019 तक टली

यूपी के डिप्टी सीएम ने कमेंट करने से किया इनकार
उत्तर प्रदेश की बीजेपी सरकार में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा सुनवाई टाले जाने पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा की जब तक कोई फैलस नहीं आ जाता तब तक उस पर कुछ नहीं कहा जा सकता है. उन्होंने इतना जरूर कहा कि सुनवाई का स्थगित होना अच्छा संदेश नहीं है.

बार-बार तारीख बढ़ना कांग्रेस की साजिश: विनय कटियार
वहीँ, बीजेपी नेता विनय कटियार ने सुनवाई टाले जाने पर कांग्रेस को ही जिम्मेदार ठहराया दिया. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट अगर बार-बार तारीख बढ़ा रही है तो इसके पीछे कांग्रेस का हाथ है. कांग्रेस नहीं चाहती है कि लोकसभा चुनाव से पहले इस मामले में कोई फैसला आए. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कपिल सिब्बल और प्रशांत भूषण का दबाव है, इसलिए नई-नई तारीखें मिल रही हैं.

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ओवैसी बोले- देश संविधान से चलता है
एआईएमआईएम पार्टी के अध्यक्ष व सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भी प्रतिक्रिया दी है. ओवैसी ने कहा कि अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला सबको मानना पड़ेगा. फैसले का विरोध नहीं किया जाना चाहिए. देश संविधान से चलता है. उन्होंने चुनौती दी है कि अगर हिम्मत है तो केंद्र सरकार राम मंदिर के लिए अध्यादेश लाकर दिखाए. उन्‍होंने कहा कि अगर केंद्र सरकार अयोध्‍या मामले पर अध्‍यादेश लाती है तो फटकार पड़ेगी.