लखनऊ. लोकसभा चुनाव में मिली सफलता के बाद अब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) उपचुनाव में पूरी ताकत से उतरने जा रही है. संगठन और सरकार ने 12 सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए अपनी ताकत झोंक दी है. भाजपा ने उन सीटों पर जीत हासिल करने की रणनीति बनाई है, जिन्हें वह पहले नहीं जीत सकी थी. खास तौर पर समाजवादी पार्टी (सपा) के पास रही रामपुर विधानसभा सीट और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के पास रही जलालपुर सीट पर विशेष ध्यान देने की बात कही जा रही है. भाजपा का उपचुनाव का अनुभव अभी तक ज्यादा अच्छा नहीं रहा है. इसीलिए वह इस बार कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती जिस कारण सभी सीटों पर मंत्रियों के साथ पदाधिकारियों को भी जिम्मेदारी दी गई है. Also Read - पश्चिम बंगाल में बोले जेपी नड्डा, बहुत जल्द लागू होगा नागरिकता संशोधन कानून

भाजपा नेतृत्व प्रत्याशियों के चयन में भी काफी सावधानी बरतेगा. भाजपा प्रत्याशियों के चयन में परिवारवाद को पूरी तरह से दरकिनार कर जिताऊ और पुराने कार्यकर्ता पर दांव लगायेगी. भाजपा को उम्मीद है कि चुनाव आयोग नवंबर महीने में ये चुनाव करा सकता है. उपचुनावों को लेकर केन्द्र सरकार में कैबिनेट मंत्री व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेन्द्र नाथ पाण्डेय प्रत्येक सप्ताह लखनऊ आकर मुख्यमंत्री और पदाधिकारियों के साथ बैठक कर रहे हैं. Also Read - Bihar Polls 2020: बिहार चुनाव में गठबंधन 4, लेकिन मुख्यमंत्री पद के हैं ये 6 दावेदार

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को कानपुर की गोविन्द नगर विधानसभा सीट की जिम्मेदारी दी गई है. इस सीट के विधायक सत्यदेव पचौरी हाल ही में सम्पन्न लोकसभा चुनाव में कानपुर से सांसद चुने गए हैं. इसी तरह उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा को रामपुर, मंत्री सुरेश राणा को इगलास, श्रीकांत शर्मा को टूंडला, भूपेन्द्र सिंह को गंगोह, डॉ. महेन्द्र सिंह को मानिकपुर, धुन्नी सिंह को हमीरपुर, आशुतोष टंडन को लखनऊ कैंट, दारा सिंह चौहान को जैदपुर, ब्रजेश पाठक को जलालपुर, रमापति शास्त्री को बलहा और उपेन्द्र तिवारी को प्रतापगढ़ विधानसभा सीट की जिम्मेदारी दी गई है. Also Read - पीएम नरेंद्र मोदी का बयान- 6 सालों में हुए चौतरफा काम, अब बढ़ा रहे हैं उसकी गति और दायरा

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. चन्द्र मोहन ने कहा, “भाजपा हर चुनाव को हमेशा गंभीरता से लेती है. उसी कड़ी में यह उपचुनाव भी है. केन्द्रीय नेतृत्व के अनुसार निधारित लक्ष्य को हर हाल में हमें पाना है. लोकसभा चुनाव में ‘सबका साथ, सबका विकास’ के दम पर जनता ने हम पर भरोसा किया है. इसी प्रकार इन चुनावों में प्रदेश सरकार के महत्वपूर्ण कामों की वजह से हमें सफलता मिलेगी.”