लखनऊ: ऐसे समय में जब उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण राजनीति पहले से ही उबाल पर है, सुल्तानपुर के भाजपा विधायक देवमणि द्विवेदी ने आगामी विधानसभा सत्र के लिए एक सवाल उठाकर अपनी ही पार्टी और योगी आदित्यनाथ सरकार को शर्मिंदा कर दिया है. उन्होंने पिछले तीन वर्षों में मारे गए ब्राह्मणों की संख्या को लेकर सवाल किया है. 20 अगस्त से शुरू हो रहे विधानसभा के सत्र के लिए विधायक ने रविवार को विधानसभा सचिवालय को अपनी ‘अल्पसूचित’ (अल्पकालिक) प्रश्न पेश किया.Also Read - PM मोदी बोले- इन लोगों की पहचान समाजवादी नहीं, परिवारवादी की बन गई, सिर्फ अपने परिवार का भला किया

अपने प्रश्न में भाजपा विधायक देवमणि द्विवेदी ने यह जानने की मांग की है कि पिछले तीन वर्षों में कितने ब्राह्मण मारे गए हैं और इस अवधि में कितने आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं. उन्होंने यह जानने की भी कोशिश की है कि कितने मामलों में पुलिस आरोपियों को सजा दिलाने में सफल रही है. Also Read - UP Unlock Update: उत्तर प्रदेश में खत्म हुआ Night Curfew, जानें योगी सरकार का ताजा फैसला

विधायक ने आगे पूछा है कि क्या राज्य सरकार ने ब्राह्मणों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए कोई योजना बनाई है या नहीं और क्या सरकार प्राथमिकता के आधार पर ब्राह्मणों को हथियार लाइसेंस प्रदान करेगी. उन्होंने सरकार से उन ब्राह्मणों की संख्या के बारे में भी पूछा है, जिन्होंने शस्त्र लाइसेंस के लिए आवेदन किया है और उनमें से कितने को अनुमति दे दी गई है. Also Read - Punjab Polls: कांग्रेस से जुदा हुईं अमरिंदर की राहें! पंजाब के पूर्व CM का नई पार्टी बनाने का ऐलान; BJP से इस 'शर्त' पर गठबंधन

पहली बार आये ऐसे सवाल
विधायी इतिहास में यह संभवत: पहली बार हुआ है कि किसी विधायक ने ऐसा सवाल किया है जो पूरी तरह जातिवादी है. सुल्तानपुर की लम्भुआ सीट से पहली बार विधायक बने द्विवेदी हाल ही में तब खबरों में आए थे, जब वह स्थानीय भाजपा विधायक राजकुमार सहयोगी के समर्थन में अलीगढ़ गए थे, जो कि पुलिस के साथ विवाद में शामिल थे.

बोले- सौंप दूंगा इस्तीफ़ा
विधायक द्विवेदी ने यहां तक कहा था कि यदि बात विधायकों के सम्मान पर आएगी तो वह अपना इस्तीफा सौंपने में भी संकोच नहीं करेंगे. जाहिर सी बात है कि उनके द्वारा उठाया गया ये सवाल विधानसभा में राज्य सरकार पर विपक्ष के हमले को तेज करेगा.