नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले से ‘असली’ अनामिका शुक्ला के सामने आने के बाद अब इस मामले ने एक नया राजनीतिक मोड़ ले लिया है. जिले के भाजपा सांसद कीर्ति वर्धन सिंह ने इस घोटाले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है. ये मामला राज्य में एक शिक्षक द्वारा 25 स्थानों से वेतन के रूप में 1 करोड़ रुपये से अधिक निकालने का है. सिंह ने कहा, “इस घोटाले की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए. यह मामला मेरे जिले से संबंधित है और यह आवश्यक है कि सच्चाई सामने आए. ऐसा घोटाला केवल एक संगठित गिरोह द्वारा किया जा सकता और यह उच्च पदों पर बैठे भ्रष्ट व्यक्तियों से बिना मिलीभगत के संभव नहीं है. Also Read - Rajasthan Border Sealed: राजस्थान की सभी सीमाओं को किया गया सील, वाहनों की होगी चेकिंग, संदिग्धों की होगी गिरफ्तारी

सूत्रों ने कहा है कि घोटाले का सरगना गोंडा जिले का ‘शिक्षा माफिया’ हो सकता है. सूत्रों ने कहा कि अनामिका शुक्ला के दस्तावेजों के दुरुपयोग की संभावना हो सकती है, ये भी संभावना है कि इस माफिया का संचालन करने वाला व्यक्ति कोई ताकतवर संपर्क वाला हो. Also Read - महादेव की भक्ति में तल्लीन हुए यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, किया दुग्धाभिषेक, जानें क्या है वजह

इस बीच, पीड़ित के परिवार से उनके आवास पर मिलने गए कांग्रेस एमएलसी दीपक सिंह ने आईएएनएस को बताया, “जिले में एक सिंडिकेट काम कर रहा है जो शिक्षा विभाग में कॉलेजों को मान्यता, अनुदान और नौकरियां दिलाने तक कुछ भी प्रबंधित कर सकता है, जिसे राजनीतिक संरक्षण भी मिला हुआ है.” Also Read - योगी सरकार ने दी यूपी में बड़े आयोजनों की अनुमति, कोविड प्रोटोकॉल का करना होगा पालन

अनामिका शुक्ला मंगलवार को गोंडा में अधिकारियों से मिलने गईं और बताया कि उन्होंने कई जगहों पर आवेदन किया लेकिन काउंसलिंग में शामिल नहीं हो सकीं. कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ट्वीट कर कहा, “यूपी सरकार को अनामिका शुक्ला से माफी मांगनी चाहिए. वह गरीबी में जी रही है और यह नहीं जानती कि उसके नाम पर क्या हो रहा है. यह लूट की प्रणाली है. अनामिका को न्याय और सुरक्षा दी जानी चाहिए.” पुलिस ने अनामिका शुक्ला होने का दावा करने वाली एक महिला को गिरफ्तार किया था.