नई दिल्‍ली: उत्‍तर प्रदेश में बहराइच की भाजपा सांसद सावित्रीबाई फुले ने पार्टी से इस्‍तीफा दे दिया है. फुले ने भाजपा पर समाज को बांटने का आरोप लगाते हुए दावा किया है कि वे कभी पार्टी में लौटकर नहीं आएंगी.

फुले अक्‍सर अपनी पार्टी के खिलाफ विरोधी अख्तियार करती रही हैं. लखनऊ में अपने इस्‍तीफे की घोषणा करते हुए उन्‍होंने एक बार फिर भाजपा पर निशाना साधा. फुले ने कहा कि भाजपा दलितों का भला नहीं चाहती. राजग सरकार के शासनकाल में बाबा साहब आंबेडकर की मूर्तियों को तोड़े जाने की घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्‍होंने कहा कि इन मामलों में दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई.

बीजेपी पर समाज को बांटने का आरोप लगाते हुए फुले ने कहा कि पार्टी के नेता बार-बार संविधान बदलने की बात करते हैं, लेकिन प्राइवेट सेक्‍टर में एससी-एसटी आरक्षण के लिए सरकार ने आज तक कुछ नहीं किया. उन्‍होंने यह भी कहा कि दलित होने के चलते उनकी पार्टी में उपेक्षा की जाती है. उनकी बातों पर ध्‍यान नहीं दिया जाता. उन्‍होंने मोदी सरकार पर विदेशों से काला धन लाने का वादा पूरा नहीं करने का आरोप भी लगाया.

फुले इससे पहले भी अपने बयानों से पार्टी को कटघरे में खड़ी करती रही हैं. कुछ दिन पहले ही उन्‍होंने कहा था कि अयोध्‍या में राम मंदिर का निर्माण देश के तीन प्रतिशत ब्राम्‍हणों का धंधा है. उन्‍होंने भगवान राम को ही शक्तिहीन करार देते हुए कहा था कि राम में ताकत होती तो मंदिर अब तक बन चुका होता.