लखनऊ: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह मथुरा पहुंचे. इस मौके पर उन्‍होंने कहा कि अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम में संसद द्वारा हाल ही में किए गए परिवर्तन के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सबसे ज्यादा जिम्मेदार है. उन्होंने कहा कि भाजपा ही हर चुनाव से पहले यह प्रचार करती आई है कि हमें वोट दो. हम एससी/एसटी अधिनियम खत्म करा सकते हैं. उसने (भाजपा) धोखा दिया है, तो उसे दंड दिया जाना चाहिए.Also Read - Loksabha में बोले राहुल गांधी, मेरे पास है आंदोलन में जान गंवाने वाले किसानों की लिस्ट; इन्हें दीजिए मुआवजा

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दिग्विजय सिंह वृन्दावन में आयोजित शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानन्द सरस्वती के जन्मोत्सव कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आए थे. उन्होंने कहा कि भारत में संविधान सर्वोपरि है. संविधान ही लोकसभा, राज्यसभा सहित विधानसभाओं और विधान परिषदों को अधिकार देता है कि वे जनता के हित में कानून बनाएं और जब ये संस्थाएं सर्वसम्मति से कोई कानून पारित करती हैं, तो उस पर कैसे उंगली उठाई जा सकती है. पत्रकारों से बातचीत में एक सवाल के जवाब में सिंह ने कहा कि आजकल डीजल-पेट्रोल के भाव और रुपए के बदले में डॉलर के मूल्यों में लगातार हो रही वृद्धि में होड़ लगी हुई है कि पहले कौन ‘सेंचुरी’ बनायेंगा. रुपया लगातार गिर रहा है.

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इस समय देश में 1977 के चुनावों के पहले की स्थिति

उन्होंने कहा कि मुझे तो ऐसा प्रतीत होता है इस समय देश में 1977 के चुनावों के पहले की स्थिति बन गई है. तमाम चीजों को लेकर जनता में चुप्पी छाई हुई है. कोई कुछ बोल नहीं रहा है, जिससे मालूम पड़ता है कि वे 2019 के लोकसभा चुनावों में ही इन सब का जवाब देने की मंशा रखती है. राम मंदिर के मुद्दे पर पूछे गए सवाल पर सिंह ने कहा कि इस मामले पर कांग्रेस का रुख स्पष्ट है. वह धार्मिक मुद्दों पर राजनीति नहीं करती जबकि भाजपा निजी स्वार्थ के लिए धर्म का दुरुपयोग करती है. धर्म के नाम पर चंदा इकट्टा करती है. हाल ही में अखाड़ा परिषद के महंत ने आरोप लगाया था कि भाजपा वाले 14 सौ करोड़ रुपये खा गए. इस बारे में उनसे पूछा जाना चाहिए कि इतनी बड़ी रकम कहां गई.