लखनऊ: 2019 लोकसभा चुनाव को लेकर बयानबाजी शुरू हो गई है. महंत परमहंस दास ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी 2019 लोकसभा चुनाव में दोबारा सिंहासन पाना चाहती है तो पहले उसे राम मंदिर का निर्माण करना होगा. अन्‍यथा हम सरकार को किसी भी कीमत पर सत्‍ता में नहीं आने देंगे. महंत परमहंस ने ये बयान केंद्रीय अल्‍पसंख्‍यक मंत्री मुख्‍तार अब्‍बास नकवी के उस बयान के जवाब में दिया है, जिसमें उन्‍होंने कहा था कि बीजेपी 2019 का चुनाव केवल विकास के नाम पर लड़ेगी. Also Read - Ayodhya Ram Temple: राम मंदिर निर्माण के लिए सीएम शिवराज सिंह चौहान ने एक लाख रुपये का दिया दान

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अयोध्या में राम मंदिर बनाने के मुद्दे को लेकर संत समाज ने अब बीजेपी पर वार करने शुरू कर दिये हैं. मंदिर निर्माण का दम भरने के साथ ही सत्‍ता का सिंहासन हासिल करने वाली बीजेपी की मुश्किल अब बढ़ने लगी हैं. क्‍योंकि गोरखपुर-फूलपुर उपचुनाव के बाद कैराना-नूरपुर की हार से पार्टी की नीतियों पर सवाल उठने लगे हैं. वहीं भाजपा समर्थक दल और नजदीकी भी सरकार पर हमला करने लगे हैं. अयोध्‍या में 2019 लोकसभा चुनाव से पहले राम मंदिर नहीं बनने पर महंत परमहंस दास ने भाजपा को अंजाम भुगतने की चेतावनी दी है.

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मंदिर नहीं बना तो बीजेपी की हार तय

महंत परमहंस दास ने कहा कि अगर वे (बीजेपी) फिर से सत्ता में आना चाहते है, लोकसभा चुनाव 201 9 से पहले उन्हें राम मंदिर बनाना होगा, अन्यथा हम एक आंदोलन शुरू करेंगे. संतों का व्‍यापक आंदोलन भाजपा की हार में आखिरी कील ठोंकेगा. बता दें कि बीते दिनों केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी के बयान दिया था कि बीजेपी 2019 का लोकसभा चुनाव विकास के मुद्दे पर लड़ेगी. उन्होंने आगे कहा था कि इस चुनाव में हिंदुत्व और मंदिर अब सत्ताधारी पार्टी के लिए मुद्दे नहीं होंगे. यह चुनाव बीजेपी ‘विकास, विकास, सिर्फ विकास’ के मुद्दे पर लड़ेगी.