अलीगढ़ (उत्तर प्रदेश). भाजपा की युवा इकाई ने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) परिसर में एक मंदिर निर्माण के लिए भूमि की मांग की और कहा कि हिन्दू छात्रों को पूजा करने में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. एएमयू के कुलपति तारिक मंसूर को लिखे एक पत्र में भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के जिला अध्यक्ष ने कहा कि अगर विश्वविद्यालय 15 दिनों के भीतर उनकी मांग को नहीं मानता है तो वे एक प्रतिमा स्थापित करे देंगे और एक उचित स्थान पर मंदिर का निर्माण शुरू करेंगे. Also Read - AMU में 56 साल बाद आया खास अवसर, पीएम नरेंद्र मोदी आज शताब्दी समारोह में होंगे शामिल

एएमयू छात्र संघ के नेताओं ने कहा कि भाजपा की युवा इकाई के नेताओं की धमकी शहर में शांति बाधित करने का एक प्रयास है और आने वाले आम चुनाव में मतदाताओं का धुव्रीकरण करना है. एएमयूएसयू के पूर्व अध्यक्ष फैजल हसन ने कहा , ‘‘यह धार्मिक निष्ठा का सवाल नहीं है क्योंकि परिसर में कई मंदिर हैं और विश्वविद्यालय स्थापित होने के बाद से इस तरह का कोई मुद्दा सामने नहीं आया है.’’ उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘हम सभी छात्रों के धर्मों और भावनाओं का पूरा सम्मान करते हैं और उनकी वास्तविक मांगों को लेकर हमेशा संवेदनशील हैं. हालांकि, चार साल से एएमयू के मामलों को देख रहा कोई भी व्यक्ति इस बात की पुष्टि कर सकता है कि यह धमकी हमारी धर्मनिरपेक्ष परंपराओं को बर्बाद करने और विभाजनकारी ताकतों को मजबूत करने का एक और प्रयास है.’’ Also Read - अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के शताब्दी समारोह को संबोधित करेंगे पीएम मोदी, शिक्षा मंत्री भी करेंगे शिरकत

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दो दिन पूर्व एएमयू प्रशासन पर निशाना साधा था और विश्विविद्यालय प्रशासन पर दलित कोटा नहीं देने का आरोप लगाया था. आपको बता दें कि इससे पहले एएमयू में मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर को लेकर भी विवाद हुआ था. तस्वीर हटाने की मांग को लेकर कुछ छात्रों और हिंदूवादी संगठनों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर आरोप लगाया था. Also Read - AMU ने पूरे किए 100 साल, शताब्दी समारोह में पीएम नरेंद्र मोदी होंगे मुख्य अतिथि

(इनपुट – एजेंसी)