लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जातिवाद और सांप्रदायिक उन्माद की बढ़ती घटनाओं को लेकर वर्तमान योगी सरकार को जमकर निशाने पर लिया. सपा मुखिया ने कहा कि जातिवाद और सांप्रदायिक उन्माद लोकतंत्र के लिए अभिशाप है. लेकिन भाजपा जातिवादी राजनीति को सफलता के लिए आसान तरीका मानती है.

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समाज को बांटना भाजपा की साजिश
बीजेपी सरकार पर हमलावर होते हुए अखिलेश का कहना है कि जहां समाज को बांटना और सद्भाव को बिगाड़ना भाजपा की साजिश का हिस्सा है, वहीं विकास में अवरोध पैदा करना उनकी फितरत बन गई है. अखिलेश ने कहा कि “ऐसा लगता है कि भाजपा का संकल्प है कि उत्तर प्रदेश को उजाड़ कर ही दम लेंगे”. सपा मुखिया शुक्रवार को पार्टी मुख्यालय में मथुरा के समाजवादी नेता प्रदीप चौधरी, लखनऊ विश्वविद्यालय के कुछ छात्र नेताओं के अतिरिक्त तमिलनाडु प्रदेश अध्यक्ष समेत कई लोगों से मिले.

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मथुरा में सपा के काम की पट्टिका हटाई गईं
जहां अखिलेश का अंगवस्त्रम पहनाकर स्वागत हुआ, वहीं हरिद्वार के एक बाबा ने उन्हें आशीर्वाद दिया. इस मौके पर अखिलेश ने कहा कि मथुरा में सपा सरकार के कार्यों की नाम पट्टिका को भाजपा के इशारे पर हटाया जा रहा है. भाजपा सरकार में शिलान्यास का शिलान्यास और उद्घाटन का उद्घाटन की नई परंपरा विकसित हुई है जो लोकतंत्र के लिए स्वस्थ तरीका नहीं है. उन्होंने कहा कि उनसे मिले लोगों की आमतौर पर शिकायत है कि भाजपा सरकार रागद्वेष से काम कर रही है. ऐसा लगता है कि भाजपा का संकल्प है कि उत्तर प्रदेश को उजाड़कर ही दम लेंगे.

समाज में नफरत को बढ़ावा देकर राजनीतिक स्वार्थ साधना की जा रही है जो अनैतिक है. प्रदेश की योगी सरकार को निशाने पर लेते हुए अखिलेश ने कहा कि राज्य में कानून का राज नहीं रह गया है. सबसे बड़ा संकट निर्दोषों के सामने है. उन्होंने कहा कि कई कार्यकर्ताओं ने शिकायत की कि उन पर भाजपा नेताओं के इशारे पर फर्जी मुकदमे लगाए जा रहे हैं. अधिकारियों को भी आड़े हाथ लेते हुए उन्होंने कहा कि समय आने पर ऐसे अधिकारी बच नहीं पाएंगे. (इनपुट एजेंसी )