Bhoomi Pujan Date Of Ayodhya Ram Mandir:राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की दूसरी बैठक में शनिवार को मंदिर निर्माण की तारीख तय करके प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) भेज दी गई है. हालांकि अभी इस पर आखिरी फैसला प्रधानमंत्री कार्यालय को ही करना है. यूपी के अयोध्‍या में शनिवार को हुई बैठक के बाद ट्रस्‍ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि मंदिर की नींव रखने के पहले तकनीकी तैयारी शुरू हो गई है. Also Read - भारतीय मुसलमानों को लेकर RSS प्रमुख मोहन भागवत का बड़ा बयान, कहा- 'भारत के संविधान में सिर्फ...'

श्री राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा, “समाज के 10 करोड़ परिवारों से धनसंग्रह करने की चर्चा आज निकली है, इनसे सम्पर्क किया जाएगा. जब धनसंग्रह और बाकी की ड्राइंग पूरी हो जाएंगी, उसके बाद 3 से 3.5 साल में मंदिर के निर्माण का काम पूरा कर दिया जाएगा.” Also Read - अयोध्या में लेना चाह रहे हैं प्रॉपर्टी तो पढ़ें ये खबर, राम मंदिर भूमि पूजन के बाद बढ़ चुके हैं इतने दाम

चंपत राय ने आगे कहा, “हमारा स्पष्ट मत है कि समाज जितना धन देगा उतना धन मंदिर निर्माण में खर्च होगा, आज हम गणित नहीं लगा सकते, धार्मिक कार्यों में ऐसा करना भी नहीं चाहिए, भगवान के काम में पैसे की कमी नहीं आएगी.” Also Read - भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा ने किया पार्टी पदाधिकारियों की नई टीम का ऐलान, महासचिव पद से हटाए गए राम माधव

बता दें कि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की दूसरी बैठक सर्किट हाउस में हुई. बैठक में शामिल होने के लिए ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी, कामेश्वर चौपाल, नृत्यगोपाल दास, गोविंद देव गिरी महाराज और दिनेंद्र दास समेत दूसरे ट्रस्टी सर्किट हाउस में मौजूद रहे. चंपत राय ने बताया कि सोमपुरा ही मंदिर का निर्माण करेगा. सोमनाथ मंदिर को भी इन लोगों ने बनाया है, मंदिर बनाने में पैसे कि कमी नहीं होगी, मंदिर के लिये 10 करोड़ परिवार दान देंगे.

वहीं श्री राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट के कामेश्वर चौपाल ने बताया, “हमने आज बैठक में राम मंदिर के निर्माण कार्य का शुभारंभ करने के लिए प्रधानमंत्री जी को 2 तिथियों का सुझाव भेजा गया है- 3 अगस्त और 5 अगस्त, इनमें से जो सुविधाजनक लगेगी उस तिथि को शुभारंभ हो जाएगा.” इससे पहले चंपत राय ने बताया कि कंपनी लार्सन ऐंड टुब्रो मिट्टी परीक्षण के लिए नमूने जुटा रही है. मंदिर की नींव का निर्माण मिट्टी की क्षमता के आधार पर 60 मीटर नीचे किया जाएगा. नींव रखने का काम नक्‍शे के आधार पर शुरू होगा.