Ram Mandir Bhumi Poojan: अयोध्या में पांच अगस्त को राम मंदिर निर्माण भूमि पूजन के खिलाफ पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और उनके करीबी माने जाने वाले साकेत गोखले ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर भूमि पूजन को रोके जाने की मांग की थी. याचिका में दलील दी गई थी कि कोरोना काल के समय इस तरह का आयोजन करना नियम के विरुद्ध है इसलिए इसे रोकने का आदेश दिया जाना चाहिए. साकेत गोखले की इस याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया है. Also Read - राहुल, प्रियंका से मिलने के बाद जयपुर पहुंचे सचिन पायलट, बोले- पार्टी के भीतर विचार व्यक्त करना विद्रोह नहीं

राम मंदिर भूमि पूजन रोके जाने के संबंध में दायर याचिका में कहा गया था कि यह धार्मिक आयोजन कोविड-19 के खिलाफ गृह मंत्रालय की तरफ से जारी निर्देशों के विरुद्ध है और इससे कोरोना का और अधिक संक्रमण फैलने का डर है. साकेत गोखले ने याचिका में कहा कि कार्यक्रम में लगभग तीन सौ लोग इकट्ठा हो रहे हैं जो कि कोरोना को रोकने के नियमों के खिलाफ है. Also Read - कांग्रेस पार्टी में होगी सचिन पायलट की घर वापसी, आलाकमान संग मुलाकात की शेयर की तस्वीर

इसि पूजन कार्यक्रम के खिलाफ याचिका में यह भी कहा गया कि आखिर उत्तर प्रदेश सरकार केंद्र सरकार के नियमों को बदल नहीं सकती इसलिए राज्य में किसी भी तरह का धार्मिक आयोजन पर रोक लगनी चाहिए जिससे कोविड19 के फैलने का डर हो और लोगों की सेहत को बुरा नुकसान पहुंचे. Also Read - शशि थरूर का बड़ा बयान, सोनिया गांधी नहीं, अब कांग्रेस की कमान संभालें राहुल, नहीं तो...

डेढ़ सौ साल से अधिक दिनों के इंतजार के बाद लोगों को इस पावन दिन का एहसास मिलने वाला है तब एक बार फिर से राजनीति तौर पर इस शुभ काम को रोकने की कोशिश की जा रही है. याचिका में यह भी सवाल उठाए गए कि जब बकरीद जैसे त्योहार को मनाने की छूट नहीं है तो फिर राम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन कार्यक्रम क्यों किया जा रहा है.