लखनऊ: बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में सीबीआई की स्पेशल कोर्ट में बयान दर्ज किए जाएंगे. कोर्ट में ये बयान चार जून को दर्ज किए जाएंगे. इस मामले में बीजेपी के तीन वरिष्ठ नेता भी आरोपी हैं. लाल कृष्णा आडवाणी, उमा भारती और मुरली मनोहर जोशी आरोपी हैं. Also Read - पिता-पुत्र के पुलिस उत्पीड़न और मौत मामले में नया खुलासा, अस्पताल में ही हो गई थी दोनों की मौत, अब CBI करेगी जांच

सीबीआई की स्पेशल कोर्ट में इन तीनों बीजेपी नेताओं के साथ ही 32 आरोपियों के बयान दर्ज किए जाएंगे. सीबीआई के वकील ललित सिंह और आर.के. यादव ने बताया कि आडवाणी, जोशी और उमा भारती को अगले आदेश तक अदालत में हाजिर होने से छूट मिली थी. अन्य अभियुक्तों ने भी बृहस्पतिवार को लॉकडाउन तथा अन्य दिक्कतों का हवाला देते हुए हाजिरी माफी की गुजारिश की. मगर अदालत ने बचाव पक्ष के वकील को निर्देश दिया कि चार जून को हर हाल में अभियुक्तों को अदालत में हाजिर किया जाए.

इससे पहले, मामले की सुनवाई कर रहे विशेष न्यायाधीश एस. के. यादव की अदालत में सीबीआई ने अपने साक्ष्य प्रस्तुतिकरण का काम गत छह मार्च को पूरा कर लिया था. उसके बाद अदालत ने सभी 32 अभियुक्तों के बयान दर्ज करने का फैसला किया. बता दें कि 8 मई 2020 को ही सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने लखनऊ में सीबीआई के विशेष न्यायाधीश को बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले (Babri Masjid demolition) में मुकदमे को 31 अगस्त तक पूरा करने के आदेश दिए थे. इस मामले में भारतीय जनता पार्टी के बड़े नेता आरोपियों में शामिल हैं. इससे पहले इस मामले में अप्रैल महीने तक फैसला सुनाया जाना था. अदालत ने निर्देश दिया था कि अगस्त के अंत तक मुकदमे को पूरा करें और फैसला दें. बता दें कि 6 दिसंबर, 1992 को बाबरी मस्ज़िद को गिरा दिया था.