बुलगड़ी: भीम आर्मी के नेता चन्द्रशेखर आजाद रविवार को दुष्कर्म पीड़िता के परिजनों से मिलने बुलगड़ी गांव पहुंचे. उनके साथ अन्य साथियों को अंदर परिवार से मिलने की इजाजत दी गई. सिर्फ 5 लोग ही भीम आर्मी चीफ के साथ परिवार से मिलने पहुंचे. परिवार से मिलने के बाद चंद्रेशेखर ने कहा कि परिवार को Y श्रेणी की सुरक्षा दी जाए नहीं तो वे उन्हें अपने साथ घर ले जाएंगे.Also Read - भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले इंग्लैंड को बड़ा झटका, बेन स्टोक्स ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से लिया अनिश्चितकालीन ब्रेक

भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद ने हाथरस में कथित गैंगरेप पीड़िता के परिवार से मुलाकात की और कहा, “मैं परिवार के लिए ‘वाई सुरक्षा’ की मांग करता हूं या मैं उन्हें अपने घर ले जाऊंगा. वे यहां सुरक्षित नहीं हैं. हम चाहते हैं कि एक सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश की देखरेख में जांच हो.” Also Read - चंद्रशेखर का बड़ा बयान- मायावती का वजूद खत्म, यूपी में अब आजाद समाज पार्टी है बसपा का विकल्प

दरअसल चंद्रशेखर आजाद के काफिले को पुलिस प्रशासन ने हाथरस से पहले ही रुकवा दिया था ताकि हालात को काबू में रखा जा सके. इसके बाद वो अपने काफिले को छोड़कर पैदल ही परिवार से मिलने के लिए आए. चन्द्रशेखर ने गांव में आते ही मीडिया से कहा, बहुत दिनों से मुलाकात नहीं हुई, जो हालात है उससे नहीं लगता कुछ अच्छा हो रहा है. Also Read - Bangladesh Factory Fire News: बांग्लादेश में फैक्टरी में लगी आग से मरने वालों की संख्या 50 के पार, कई लापता

हाथरस पीड़िता के परिवार से मुलाकात पर भीम आर्मी प्रमुख ने कहा, “इस सरकार में जिस तरह से सरकारी अजेंसियों का दुरुपयोग हुआ है, हमने सब देखा है. इसलिए सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज की निगरानी में जांच होनी चाहिए. उनके संज्ञान में सारा मुकदमा चलना चाहिए.”