UP Police apologises to Priyanka Gandhi: कांग्रेस नेताओं ने शनिवार को कथित सामूहिक बलात्कार घटना की पीड़िता के परिवार से मुलाकात की लेकिन हाथरस जाने के दौरान यहां डीएनडी पुल पर पार्टी कार्यकर्ता ‘बेकाबू’ हो गए और पुलिस ने उन्हें काबू करने के लिए बल प्रयोग किया. हालांकि इस दौरान पुलिस की कुछ ऐसी तस्वीरें सामनें आई हैं जिनमें पुरुष पुलिसकर्मी प्रियंकां गांधी वाड्रा का कुर्ता पकड़कर खींच रहा है.Also Read - Farm Laws News: राहुल गांधी का मोदी सरकार पर निशाना, कृषि कानूनों की वापसी पर बोले- चर्चा से डरती है सरकार

अब इस घटना को लेकर यूपी पुलिस ने माफी मांगी है. इसके अलावा पुलिस ने कहा है कि वह इस मामले की सीनियर लेडी ऑफिसर से जांच काएगी. बता दें कि कई तस्वीरों में दिख रह रहा है कि आगे बढ़तीं प्रियंका को रोकने के लिए महिला पुलिसकर्मी की जगह पुरुष पुलिसकर्मी उन्हें रोकने में लगा है. इस दौरान एक तस्वीर ऐसी है जिसमें पुरुष पुलिसकर्मी ने प्रियंका गांधी का कुर्ता अपने हाथों से कसकर पकड़ा हुआ है. Also Read - UP में एक ही परिवार के 4 लोगों की हत्‍या के केस में एक आरोपी गिरफ्तार, मृतक युवती के साथ रेप की पुष्टि

इन तस्वीरों के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर खूब बहस चल रही है. इस हंगामे को देखते हुए यूपी की नोएडा पुलिस ने माफीनाम जारी किया है. नोएडा पुलिस ने ट्वीट कर कहा, “नोएडा पुलिस को इस घटना के लिए खेद है जो बहुत भारी भीड़ को नियंत्रित करने के दौरान घटी है. हम प्रियंका गांधी से भी खेद प्रकट करते हैं. पुलिस उपायुक्त मुख्यायलय द्वारा इस प्रकरण का स्वंय संज्ञान लिया गया है तभा वरिष्ठ पुलिस महिला अधिकारी द्वारा जांच की जा रही है. जांचोपरांत दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी. हम महिलाओं के पूर्ण सम्मान के लिए कटिबद्ध हैं” Also Read - UPTET Exam Update: एक माह के अंदर दोबारा होगा UPTET Exam, पेपर लीक कराने वालों के खिलाफ रासुका लगाएगी योगी सरकार

बता दें कि शनिवार को हुई इस घटना के दौरान पुलिस की कार्रवाई व धक्का-मुक्की में कुछ कार्यकर्ताओं को चोटें आई है वहीं कुछ पुलिसकर्मी भी जख्मी हुए हैं. अपर पुलिस आयुक्त लव कुमार ने बताया कि कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी सहित पांच लोगों को हाथरस जाने की इजाजत दी गई थी. उनकी सुरक्षा में लगी गाड़ियां भी उनके साथ थीं.

डीएनडी पर हुए लाठीचार्ज के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था को काबू करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता व नेता पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड को तोड़कर राहुल गांधी के साथ आगे जाना चाह रहे थे. नियमों के अनुसार पुलिस ने उन्हें रोका जिस पर उन्होंने पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की.