लखनऊ: 2019 में लोकसभा चुनाव को ज्यादा समय नहीं रह गया. इसे लेकर सियासी गर्माहट बढ़ गई है. यूपी ही वो राज्य है, जिसके लिए कहा जाता है कि दिल्ली का रास्ता इसी से होकर जाता है. इसलिए सभी पार्टियों की नजरें सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश पर हैं. सपा-बसपा ने गठबंधन का ऐलान कर दिया है. हालांकि, किन शर्तों पर दोनों पार्टियां मिलकर लोकसभा चुनाव लड़ेंगी ये अभी तक तय नहीं हुआ है. वहीं, बीजेपी अपने समीकरण बैठा रही है. वहीं, सूत्रों के हवाले से खबर है कि 2019 लोकसभा चुनाव बसपा प्रमुख मायावती भी लड़ेंगी.

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, मायावती अपनी पारंपरिक सीट अंबेडकर नगर (पूर्व में अकबरपुर) से चुनाव लड़ सकती हैं. संसदीय क्षेत्र बसपा का गढ़ माना जाता है. इस सीट से मायावती पहले भी सांसद रह चुकी हैं. ऐसी भी खबर है कि मायावती अकबरपुर के अलावा बिजनौर सीट पर भी विचार कर रही हैं. मायावती 1989 में पहली बार बिजनौर सीट से सांसद चुनी गईं. पहली बार 1994 में राज्यसभा सांसद बनीं. उसके बाद वो 1998 और 1999 लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज की.

1999 और 2004 लोकसभा चुनाव मायावती अकबरपुर सीट से लड़ीं और जीत दर्ज की. मायावती आखिरी बार 2004 में चुनाव लड़कर लोकसभा पहुंची थीं. उसके बाद वो 2007 से 2012 तक उत्तर प्रदेश की सीएम रहीं. इसके अलावा वो लगातार राज्यसभा सदस्य रहीं. पिछले साल मायावती ने राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया था. 14 साल बाद फिर से उन्होंने चुनाव लड़ने का फैसला किया है. बता दें कि लंबे समय बाद साथ आई सपा-बसपा ने उपचुनाव में बीजेपी को मात देकर गठबंधन की संभावनाओं को पुख्ता किया था. सपा-बसपा गठबंधन ने मिलकर फूलपुर, गोरखपुर, कैराना लोकसभा और नूरपुर विधानसभा सीट पर जीत दर्ज की थी.

पीएम बनना है लक्ष्य?
उत्तर प्रदेश के सीएम रहे अखिलेश यादव पहले ही कह चुके हैं कि वह यूपी ही रहना चाहते हैं. उत्तर प्रदेश संभालना चाहते हैं. वहीं, मायावती के लिए पहले ही कहा जाता रहा है कि वह पीएम बनना चाहती हैं. पार्टी के लिए उन्हें इस पद का दावेदार मानते रहे हैं.