लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष मायावती ने उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के अपनी योजनाओं एवं कार्यक्रमों के प्रचार-प्रसार के लिए ‘लोक कल्याण मित्र’ नियुक्त करने के निर्णय को सरकारी धन का खुला दुरुपयोग करार देते हुये आज कहा कि नतीजतन जरुरतमन्द लोगों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है. इससे ये भी साबित होता है कि भाजपा अब अपने और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कैडर को मुर्दा मान चुकी है. Also Read - केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने कहा- कमलनाथ ने दलितों का अपमान किया, पार्टी से निकाले कांग्रेस

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मायावती ने कहा कि ‘लोक कल्याण मित्र’ नियुक्त करने का हाल का फैसला लागू होने से सरकारी धन का दुरुपयोग होगा. राज्य की योगी आदित्यनाथ सरकार के इस फैसले से यह भी साबित होता है कि भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में अब धरातल पर जोश नहीं रहा और पार्टी अपने तथा संघ के कैडरों को एक प्रकार से मुर्दा मान चुकी है. उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्ट्या यह सरकार की विफलता है कि सरकारी ख़ज़ाने के अरबों रूपये प्रिन्ट, इलेक्ट्रानिक तथा डिजिटल मीडिया पर खर्च करने के बावजूद लोगों को सरकार की योजनाओं की जानकारी नहीं है. Also Read - राहुल गांधी की नाराजगी को भी कमलनाथ ने नहीं दी 'तवज्जो', 'आइटम' वाले बयान पर माफी मांगने से इनकार

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पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के हर विकास खण्ड में एक ‘लोक कल्याण मित्र’ को 25 हजार रुपये तथा 5000 हजार रुपये प्रतिमाह यात्रा भत्ता के आधार पर नियुक्ति वास्तव में मजाक के साथ-साथ केवल कुछ चहेतों को वक्ती तौर पर तुष्टिकरण करने का उपाय मात्र ही है. मालूम हो कि प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार की मंत्रिपरिषद ने गत मंगलवार को अपनी तमाम योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिये प्रदेश के हर विकास खण्ड में एक ‘लोक कल्याण मित्र’ की नियुक्ति करने के प्रस्ताव को हरी झंडी दी थी.