लखनऊ. समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने आगामी लोकसभा चुनावों के लिए तय कर लिया है कि कौन-कौन सी सीटों पर उन्हें लड़ना है. दोनों ही दलों ने 38-38 सीटों पर चुनाव लड़ना तय किया था. अब सीटों की पहचान कर ली गई है कि कौन-कौन सी सीटों पर सपा और किस सीटों पर बसपा अपने उम्मीदवार उतारेगी. सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती द्वारा हस्ताक्षरित एक आधिकारिक बयान में 80 लोकसभा सीटों में से 37 सीटें सपा को जबकि 38 सीटें बसपा को दी गई हैं. हालांकि यूपी में इन दोनों पार्टियों के बीच हुए गठबंधन से पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव नाराज हैं. सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव ने बसपा के साथ सपा के गठबंधन पर गुरुवार को खुलकर नाराजगी जाहिर की. Also Read - Kisan Bill 2020: भारत बंद का अनोखा अंदाज, कहीं भैंस पर बैठ सड़क किया जाम तो कहीं रेल की पटरी पर लेटे किसान

सपा के कोटे में आई 37 सीटों में कैराना, मुरादाबाद, संभल, रामपुर, मैनपुरी, फिरोजाबाद, बदायूं, बरेली, लखनऊ, इटावा, इलाहाबाद, कौशाम्बी, फूलपुर, फैजाबाद, गोण्डा, गोरखपुर, आजमगढ़, वाराणसी और मिर्जापुर शामिल हैं. बसपा जिन सीटों पर चुनाव लड़ेगी, उनमें सहारनपुर, बिजनौर, अलीगढ़, आगरा, फतेहपुर सीकरी, सीतापुर, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, बस्ती, जौनपुर, भदोही और देवरिया शामिल हैं. अब जबकि दोनों पार्टियों के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर फैसला हो गया है, सियासी जानकारों के अनुसार ऐसे में सपा के संस्थापक मुलायम सिंह की नाराजगी अखिलेश यादव के लिए खलल डालने वाली हो सकती है. Also Read - यूपी: 17 साल बाद सहकारी समिति में ख़त्म हुआ मुलायम परिवार का दबदबा, बीजेपी का कब्ज़ा

दरअसल, मुलायम ने सपा मुख्यालय पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि अब उन्होंने (अखिलेश यादव) मायावती के साथ आधी सीटों पर गठबंधन किया है. आधी सीटें देने का आधार क्या है? ‘‘अब हमारे पास केवल आधी सीटें रह गई हैं. हमारी पार्टी कहीं अधिक दमदार है.’’ उन्होंने कहा कि हम सशक्त हैं लेकिन हमारे लोग पार्टी को कमजोर कर रहे हैं. हमने कितनी सशक्त पार्टी बनाई थी. मैं मुख्यमंत्री बना और रक्षा मंत्री भी बना.’ पूर्व मुख्यमंत्री ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि वे लोकसभा चुनाव में टिकट के लिए उन्हें आवेदन दें. उन्होंने कहा, ‘आपमें से कितनों ने मुझे आवेदन दिया? किसी ने नहीं…, तब टिकट कैसे पाओगे? अखिलेश टिकट देंगे लेकिन मैं उसे बदल सकता हूं.’

भाजपा की प्रशंसा करते हुए मुलायम ने कहा कि भाजपा की चुनावी तैयारी बेहतर है. सपा प्रत्याशियों के नाम जल्द घोषित होने चाहिए ताकि वे अपने क्षेत्र में जाकर जमीनी कार्य कर सकें. बता दें कि मुलायम सिंह यादव ने बीते दिनों लोकसभा में यह बयान देकर राजनीतिक हलकों में सरगर्मी तेज कर दी थी कि वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को बधाई देना चाहते हैं क्योंकि उन्होंने हर किसी को साथ लेकर चलने का प्रयास किया. ‘मुझे आशा है कि सभी सदस्य जीतेंगे और वापस आएंगे और आप (मोदी) फिर से प्रधानमंत्री बनेंगे.’