लखनऊ: सपा-कांग्रेस से गठबंधन के बाद उत्‍साहित बहुजन समाज पार्टी के नेताओं ने पार्टी सुप्रीमो मायावती को देश की पहली दलित महिला प्रधानमंत्री बनाने का आह्वान किया है. बसपा ने लखनऊ और कानपुर मंडल के पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के सम्मेलन में पार्टी नेताओं ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वह बहन मायावती को देश का अगला प्रधानमंत्री बनाने के लिए जुट जाएं, क्योंकि वह देश में दलितों का सबसे सशक्त प्रतिनिधित्व वह ही कर सकती हैं. Also Read - बिहार: कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय से 8 लाख रुपए बरामद, इनकम टैक्स अफसरों ने रणदीप सिंह सुरजेवाला से की पूछताछ

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पार्टी नेताओं ने दावा किया कि इस समय देश में मायावती ही एक मात्र ऐसी नेता है जो भारतीय जनता पार्टी को दोबारा सत्ता में आने से रोक सकती है और उन्हें क्षेत्रीय पार्टियों का भी समर्थन हासिल है. पार्टी नेताओं ने कार्यकर्ताओं से कहा कि वह लोकसभा चुनाव के लिये अभी से जोरशोर से तैयारियां शुरू कर दे और गांव गांव गली गली प्रचार शुरू कर दें. बसपा ने 2019 में होने वाले आम चुनावों की तैयारी शुरू कर दी है.

बसपा प्रदेश भर में करेगी सम्‍मेलन

इन्हीं तैयारियों के तहत आज राजधानी में लखनऊ और कानपुर मंडल के पार्टी कार्यकर्ताओं का सम्मेलन हुआ. इस सम्मेलन में सैकड़ों की संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया. इस सम्मेलन की शुरुआत पार्टी अध्यक्ष मायावती को प्रधानमंत्री बनाने के संकल्प और आह्वान के साथ की गई. हालांकि इस सम्‍मेलन में खुद मायावती शामिल नहीं हुईं. अभी इस तरह के कई कार्यकर्ता सम्मेलन पूरे प्रदेश में आयोजित किये जायेंगे.

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1995 में मायावती बनीं थी यूपी की पहली दलित मुख्‍यमंत्री

बता दें कि 1995 में बसपा सुप्रीमा मायावती उत्तर प्रदेश के पहली महिला दलित मुख्यमंत्री बनी थी. अब एक बार फिर बसपा नेता और कार्यकर्ता उन्‍हें देश की पहली दलित महिला प्रधानमंत्री बनने देखना चाहते हैं. हालांकि पिछले लोकसभा चुनाव में बीएसपी का खाता भी नहीं खुल सका था. इसके बावजूद अब बीएसपी सपा और कांग्रेस के एक साथ आने से बसपा की उम्‍मीदें बढ़ गई हैं.