लखनऊ: बुलंदशहर हिंसा में इंस्पेक्टर सुबोध कुमार के मारे जाने के बाद उनके परिवार का बुरा हाल है. बेटे अभिषेक कुमार के मार्मिक बयान के साथ ही सुबोध कुमार की पत्नी रजनी का भी एक वीडियो वायरल हो रहा है जो झकझोर देने वाला है. सुबोध की पत्नी बिलखते हुए कह रही हैं कि ‘मुझे एक बार उनसे मिल लेने दो, मैं सिर पर हाथ रखूंगी तो वो एकदम ठीक हो जाएंगे.’

पत्नी का रो-रो कर बुरा हाल
बुलंदशहर हिंसा में इंस्पेक्टर सुबोध कुमार की जान जाने की खबर जैसे ही फैली, परिवार को इस पर यकीन ही नहीं हुआ. सुबोध की पत्नी रजनी इस बात को स्वीकार नहीं कर पाईं. वह बिलखते हुए काफी देर तक यही कहती रहीं कि ‘मुझे उनके पास जाना है. मैं आप सब के हाथ जोड़ती हूं. मुझे उनके पास जाने दो. मैं उनके सिर पर हाथ रखूंगी तो वह एकदम ठीक हो जाएंगे. वो ऐसे ही ठीक हो जाते हैं. उन्हें कुछ नहीं होगा.’ ये कहते हुए सुबोध की पत्नी बिलख पड़ती हैं. उन्हें कई लोग संभाले हुए हैं.

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बेटे ने कहा- मेरे पिता ने हिंदू-मुसलमान विवाद में जान गंवा दी
इस वीडियो के साथ ही पत्नी रजनी के साथ सुबोध कुमार के कई फोटोज भी वायरल हो रहे हैं, जिसमें वह दिवाली मनाते दिख रहे हैं. सुबोध के बेटे का भी मार्मिक बयान सामने आया है. बेटे अभिषेक का कहना है कि मेरे पिता चाहते थे कि मैं एक अच्छा नागरिक बनूं. धर्म के नाम पर समाज में किसी तरह की हिंसा न भड़काऊं. आज मेरे पिता ने हिंदू-मुसलमान विवाद में जान गंवा दी, कल किसके पिता जान गंवाने को मजबूर होंगे. बता दें कि इंस्पेक्टर सुबोध कुमार साल 2015 में ग्रेटर नोएडा के बिसरा गांव में कथित तौर पर गोमांस खाने को लेकर अखलाक मॉब लिंचिंग मामले की जांच कर चुके थे.

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इटावा के रहने वाले थे
यूपी के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) आनंद कुमार ने बताया कि इंस्पेक्टर सिंह 28 सितंबर 2015 से 9 नवंबर 2015 तक अखलाक लिंचिंग केस के जांच अधिकारी रहे. मूल रूप से इटावा जिले के टारगना गांव के निवासी सिंह ने 1998 में यूपी पुलिस की नौकरी ज्वाइन की थी. वह लंबे समय तक मेरठ जोन के मेरठ, सहारनपुर और मुजफ्फरनगर जिलों में तैनात रहे थे. सिंह के परिवार में उनकी पत्नी और दो बेटे हैं. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक सिंह के एक बैचमेट ने बताया कि उनकी अपराधिक मामलों की जांच पर अच्छी पकड़ थी. जनवरी 2016 में वृंदावन में एक एनकाउंटर में भी वह घायल हुए थे. वह दो माह पहले स्यान के स्टेशन ऑफिसर बनाए गए थे.

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ये है पूरा मामला
बता दें कि बुलंदशहर थाना कोतवाली क्षेत्र के गांव महाव के जंगल में गौकशी की सूचना आग की तरह फैली. इससे लोग आक्रोशित हो गए और घटनास्थल पर पहुंचे और कथित तौर पर काटे गए गोवंश के गोवंश अवशेषों को ट्रैक्टर ट्रॉली में भरकर सोमवार सुबह चिंगरावठी पुलिस चौकी पर पहुंचे. गुस्साई भीड़ ने बुलंदशहर-गढ़ स्टेट हाईवे पर ट्रैक्टर ट्रॉली लगाकर रास्ता जाम कर दिया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी. सूचना मिलने पर एसडीएम अविनाश कुमार मौर्य और सीओ एसपी शर्मा पहुंचे. इसके बाद लोगों का गुस्सा भड़क गया और उन्होंने पुलिस पर पथराव करना शुरू कर दिया. बेकाबू भीड़ ने पुलिस के कई वाहन फूंक दिए. साथ ही चिंगरावठी पुलिस चौकी में आग लगा दी.