लखनऊ: उत्‍तर प्रदेश के बुलंदशहर में हुई हिंसा और पुलिस इंस्‍पेक्‍टर की मौत को लेकर समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान ने बीजेपी सरकार पर हमला बोला है. साथ ही उन्‍होंने सवाल उठाते हुए कहा है कि यदि वास्तव में मवेशी के शव बरामद हुए थे तो पुलिस को इसकी जांच करनी चाहिए, कि ये शव वहां पर कौन लाया, क्योंकि जिस क्षेत्र में यह घटना हुई है, वहां पर अल्पसंख्यक आबादी नहीं है.

 

बता दें कि बुलंदशहर थाना कोतवाली क्षेत्र के गांव महाव के जंगल में रविवार की रात अज्ञात लोगों ने कथित तौर पर करीब 25-30 गोवंश काट डाले थे. यह सूचना मिलने पर लोगों में आक्रोश फैल गया. गुस्साए लोग घटनास्थल पर पहुंचे और कथित तौर पर काटे गए गोवंश के गोवंश अवशेषों को ट्रैक्टर ट्रॉली में भरकर सोमवार सुबह चिंगरावठी पुलिस चौकी पर पहुंचे. गुस्साई भीड़ ने बुलंदशहर-गढ़ स्टेट हाईवे पर ट्रैक्टर ट्रॉली लगाकर रास्ता जाम कर दिया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी. सूचना मिलने पर एसडीएम अविनाश कुमार मौर्य और सीओ एसपी शर्मा पहुंचे. इसके बाद लोगों का गुस्सा भड़क गया और उन्होंने पुलिस पर पथराव करना शुरू कर दिया. बेकाबू भीड़ ने पुलिस के कई वाहन फूंक दिए. साथ ही चिंगरावठी पुलिस चौकी में आग लगा दी. एडीजी के मुताबिक कथित गोकशी की घटना के बाद एफआईआर लिख ली गई थी, लेकिन भीड़ ने सड़क पर जाम लगा दिया था. इसी जाम को हटाने के दौरान भीड़ उग्र हो गई और दोपहर 12 से डेढ़ बजे के बीच पथराव और हिंसा हुई. इसमें कोतवाल इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह और स्थानीय निवासी सुमित की मौत हो गई थी.

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गोश्‍त कहां से आया इसकी भी हो जांच
बुलंदशहर हिंसा को लेकर रामपुर में पत्रकारों से बात करते हुए अज़ाम खान ने कहा कि दो मौतें हुई हैं, एक इंस्पेक्टर की और एक आम शख्स की और जो बात सुनने में आ रही है अगर मैं बताऊंगा तो और माहौल खराब होगा. कहा कि एसआईटी अगर जांच करेगी तो उसे यह जांच भी करनी चाहिए कि आखिर इस गोश्त को वहां कौन लाया था, क्योंकि वहां तो दूर-दूर तक अल्‍पसंख्‍यक समुदाय की आबादी नहीं है.