लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को बुलन्दशहर में हुई हिंसा पर दुख व्यक्त करते हुए घटना में शहीद हुए पुलिस इंस्पेक्टर के परिजन को कुल 50 लाख रुपये की सहायता का ऐलान किया. साथ ही आश्रित परिवार को असाधारण पेंशन और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का भी ऐलान किया. मुख्यमंत्री ने दो दिन के अंदर मामले की जांच कर रिपोर्ट देने के आदेश भी दिया है.Also Read - UP Election 2022: योगी सरकार बांटेगी फ्री स्मार्टफोन और टैबलेट, युवाओं में ख़ुशी की लहर | Must Watch

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मुख्यमंत्री ने इस सिलसिले में देर रात एक बयान जारी किया. उन्होंने बुलन्दशहर के चिंगरावठी इलाके में गोवंशीय पशुओं के अवशेष मिलने को लेकर उग्र भीड़ द्वारा की गयी हिंसा में स्याना के कोतवाल इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह और स्थानीय निवासी सुमित की मृत्यु पर गहरा दुःख व्यक्त किया. उन्होंने शहीद पुलिस अफसर की पत्नी को 40 लाख रुपए और उनके माता-पिता को 10 लाख रुपये की सहायता की घोषणा की. साथ ही आश्रित परिवार को असाधारण पेंशन और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का भी ऐलान किया.

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मामले की रिपोर्ट दो दिन में देने के निर्देश

योगी ने अपर पुलिस महानिदेशक (अभिसूचना) एसबी शिरडकर को तत्काल मौके पर जाकर दो दिन में पूरे मामले की जांच कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने यह भी निर्देशित किया है कि जांच रिपोर्ट में घटना के कारणों तथा दोषी व्यक्तियों का विवरण भी शामिल किया जाए.

जांच के लिए एसआईटी का गठन

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में हुए बवाल पर अपर पुलिस महानिदेशक कानून एवं व्यवस्था आनंद कुमार ने पूरे मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन हो गया है. एडीजी (इंटेलीजेंस) को भी जांच सौंपी गई है. एडीजी (मेरठ जोन) एसआईटी की अगुवाई करेंगे. उन्होंने बताया कि इस मामले में दो एफआईआर दर्ज की जा रही हैं. तनाव को देखते हुए घटनास्थल पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. 48 घंटे में गोपनीय इंक्वायरी की रिपोर्ट भी मिल जाएगी. अभी 5 कंपनी आरएफ और 6 कंपनी पीएसी लगाई गई है.

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इंस्पेक्टर सुबोध कुमार की मौत पत्थर लगने से हुई

उन्होंने बताया कि इंस्पेक्टर सुबोध कुमार की मौत पत्थर लगने से हुई है. इंस्पेक्टर पर गांववालों ने फायरिंग भी की थी. हालात अब नियंत्रण में है. गांव चिंगरावठी गोवंश के अवशेष मिले थे, जिसकी सूचना स्याना के इंस्पेक्टर को दी गई थी. इसके बाद इंस्पेक्टर सुबोध कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे थे. उन्होंने उत्तेजित ग्रामीणों को समझाया-बुझाया. इसके बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने गोवंश के अवशेष को लेकर पुलिस स्टेशन को घेर लिया और जाम लगा दिया. एक बार फिर वार्ता के जरिए समझाया गया. शुरुआत में ग्रामीण सहमत हो गए. बाद में ग्रामीणों ने पुलिस चौकी पर पथराव शुरू कर दिया. उन्होंने बताया कि करीब 400 लोगों की भीड़ थी, जो आसपास के गांवों से आए थे. उन लोगों ने करीब 15 वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया.

पुलिस की तरफ से हवाई फायरिंग

पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) ने बताया कि पुलिस की तरफ से हवाई फायरिंग हुई. ग्रामीणों की तरफ से भी जमकर फायरिंग की गई. इंस्पेक्टर को सिर में किसी ‘ब्लंट ऑब्जेक्ट’ से चोट लगी. इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाने की कोशिश पुलिसकर्मियों ने की, लेकिन उन्हें ले जाने नहीं दिया गया. इसके बाद किसी तरह उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां अधिक रक्त स्राव की वजह से उनकी मौत हो गई. डॉक्टरों का प्रथम दृष्टया कहना है कि किसी ब्लंट ऑब्जेक्ट से चोट लगने और अधिक रक्त बहने की वजह से मौत हुई है. फिलहाल मौत के बाद पोस्टमार्टम में वजह का खुलासा होगा. इस हिंसा में सुमित पुत्र समरजीत सिंह की भी मौत हो गई है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलासा होगा कि इंस्पेक्टर और सुमित की मौत कैसे हुई. (इनपुट एजेंसी)