लखनऊ: उत्‍तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में गौकशी के नाम पर हुए बवाल में इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह समेत एक युवक की भी मौत हो गई थी. मामले में पुलिस ने 27 लोगों के खिलाफ एफआई आर दर्ज की है. साथ में 60 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. इसके अलावा हिंसा में शामिल दो लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. बवाल को लेकर मेरठ जोन के एडीजी प्रशांत कुमार ने कहा कि पूरे मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन हो गया है. एडीजी (इंटेलीजेंस) को भी जांच सौंपी गई है. क्षेत्र में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. 48 घंटे में गोपनीय इंक्वायरी की रिपोर्ट भी मिल जाएगी. साथ ही यह भी पता चलेगा कि हिंसा क्यों भड़की थी और पुलिसकर्मी सुबोध कुमार सिंह को अकेला छोड़ कर क्यों भाग गए थे.

 

ऐसे हुई घटना
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में सोमवार को गोकशी के शक में लोगों ने जमकर हंगामा किया. गुस्साई भीड़ के चिंगरावठी चौराहे पर हंगामा करते हुए पथराव शुरू कर दिया. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कई वाहनों को तोड़फोड़ कर उसे आगे हवाले कर दिया. पुलिस ने भीड़ को नियंत्रण करने के लिए लाठीचार्ज भी किया. भीड़ में मौजूद लोगों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें कोतवाली प्रभारी (इंस्पेक्टर) सुबोध कुमार सिंह की गोली लगने से मौत हो गई. इस दौरान कई पुलिसकर्मी भी घायल हो गए हैं. वहां मौजूद लोगों का कहना है कि स्याना के एक गांव के खेत में गोवंश मिलने के विरोध में लोगों ने जाम लगाया था. इसको लेकर पुलिस और भीड़ में संघर्ष हो गया. पुलिस ने गोहत्या के शक में प्रदर्शन कर रहे हजारों लोगों की भीड़ को तितर-बितर करने के लिए गोली चला दी. इसमें एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया. इसके बाद भीड़ आग बबूला हो गई और उसने चौकी पर हमला कर दिया. पथराव में गंभीर रूप से घायल युवक सुमित ने भी दम तोड़ दिया. बिगड़ते हालात को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने इज्तिमा में शामिल होकर लौट रहे लोगों के वाहनों को रास्ते में रुकवा दिया, ताकि सांप्रदायिक बवाल न हो सके.

 

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करीब 400 लोगों की भीड़ ने बोला हमला
पुलिस के मुताबिक, इंस्पेक्टर सुबोध कुमार की मौत पत्थर लगने से हुई है. इंस्पेक्टर पर गांववालों ने फायरिंग भी की थी. हालात अब नियंत्रण में है. गांव चिंगरावठी गोवंश के अवशेष मिले थे, जिसकी सूचना स्याना के इंस्पेक्टर को दी गई थी. इसके बाद इंस्पेक्टर सुबोध कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे थे. उन्होंने उत्तेजित ग्रामीणों को समझाया-बुझाया. इसके बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने गोवंश के अवशेष को लेकर पुलिस स्टेशन को घेर लिया और जाम लगा दिया. एक बार फिर वार्ता के जरिए समझाया गया. शुरुआत में ग्रामीण सहमत हो गए. बाद में ग्रामीणों ने पुलिस चौकी पर पथराव शुरू कर दिया. उन्होंने बताया कि करीब 400 लोगों की भीड़ थी, जो आसपास के गांवों से आए थे. उन लोगों ने करीब 15 वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया.

 

ग्रामीणों की तरफ से भी जमकर फायरिंग
पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) ने बताया कि पुलिस की तरफ से हवाई फायरिंग हुई. ग्रामीणों की तरफ से भी जमकर फायरिंग की गई. इंस्पेक्टर को सिर में किसी ‘ब्लंट ऑब्जेक्ट’ से चोट लगी. इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाने की कोशिश पुलिसकर्मियों ने की, लेकिन उन्हें ले जाने नहीं दिया गया. इसके बाद किसी तरह उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां अधिक रक्त स्राव की वजह से उनकी मौत हो गई. डॉक्टरों का प्रथम दृष्टया कहना है कि किसी ब्लंट ऑब्जेक्ट से चोट लगने और अधिक रक्त बहने की वजह से मौत हुई है. फिलहाल मौत के बाद पोस्टमार्टम में वजह का खुलासा होगा. इस हिंसा में सुमित पुत्र समरजीत सिंह की भी मौत हो गई है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलासा होगा कि इंस्पेक्टर और सुमित की मौत कैसे हुई. एडीजी ने बताया कि सुबोध कुमार सिंह दादरी के अखलाक हत्याकांड में 28 सितम्बर 2015 से 9 नवम्बर 2015 तक जाँच अधिकारी थे, इस मामले में चार्जशीट दूसरे जांच अधिकारी ने मार्च 2016 मे दाखिल की थी.

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शहीद इंस्पेक्टर के परिजन को 50 लाख व सरकारी नौकरी का ऐलान
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को बुलन्दशहर में हुई हिंसा पर दुख व्यक्त करते हुए घटना में शहीद हुए पुलिस इंस्पेक्टर के परिजन को कुल 50 लाख रुपये की सहायता का ऐलान किया. साथ ही आश्रित परिवार को असाधारण पेंशन और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का भी ऐलान किया. मुख्यमंत्री ने दो दिन के अंदर मामले की जांच कर रिपोर्ट देने के आदेश भी दिया है.