बुलंदशहर/लखनऊ: बुलंदशहर हिंसा मामले के मुख्य आरोपियों में से एक सेना के जवान जीतू उर्फ़ जितेंद्र मलिक की शनिवार को सोपोर से गिरफ्तारी हुई थी. आज रविवार को STF व SIT की टीम उसे लेकर घटनास्थल पर पहुंची वहां के दौरे के बाद पुलिस आरोपी जीतू को स्याना पुलिस स्टेशन लेकर चली गई जहां उससे पूछताछ जारी है. एसएसपी एसटीएफ ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपी जीतू ने यह स्वीकार किया है कि जब हिंसा भड़कने के दौरान भीड़ एकत्रित होनी शुरू हुई तो वह वहां मौजूद था. लेकिन उसने खुद को बेकसूर बताते हुए पुलिस पर गोली चलाने व पत्थरबाजी करने के आरोपों से इंकार कर दिया. Also Read - Vikas Dubey Encounter Case: यूपी पुलिस का गैंगस्टर विकास दुबे के फाइनेंसर पर चला चाबुक, संपत्ति हुई कुर्क

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आरोपी के मोबाइल की फोरेंसिक जांच

एसएसपी एसटीएफ का कहना है कि अभी तक ये पता नही चल सका है कि आरोपी आर्मी जवान जितेन्द्र मालिक ने इंस्पेक्टर सुबोध या सुमित को गोली मारी. पुलिस ने आरोपी का फोन जब्त कर उसे फोरेंसिक जांच के लिए भेजने का फैसला किया है. हालंकि आरोपी जीतू ने अपने पर लगे आरोपों से इंकार किया है उसका कहना है कि वो उस दौरान वहां मौजूद जरूर था लेकिन न तो उसने पुलिस पर पत्थरबाजी की है और न ही गोली चलाई है. बुलंदशहर पुलिस आरोपी जवान जितेंद्र को आज कोर्ट में पेश कर रिमांड की मांग करेगी. बता दें कि 3 दिसम्बर को बुलंदशहर में हुई हिंसा में यूपी पुलिस के इंस्पेक्टर सुबोध सिंह शहीद हो गए थे जबकि एक प्रदर्शनकारी सुमित की भी इस हिंसा में मौत हो गई थी.

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भाई ने कहा बेकसूर है जीतू

वही शनिवार को आरोपी जीतू का बड़ा भाई जो खुद फौज में है उसका कहना है कि उसका भाई षड्यंत्र का शिकार हो रहा है. आरोपी के भाई धर्मेंद्र मालिक का कहना है कि उनका भाई जीतू इंस्पेक्टर के कत्ल में शामिल नहीं है. उसने कहा कि उनके पास सबूत हैं कि उनका भाई उस दिन घटना वाली जगह पर मौजूद नहीं था उन्होंने मुख्यमंत्री योगी से भी मदद की गुहार लगाई है. हालांकि अब पुलिस के मुताबिक आरोपी ने घटना वाले दिन घटनास्थल पर होना स्वीकार कर लिया है. दूसरी तरफ आरोपी के भाई धर्मेंद्र मालिक ने ये भी कहा कि वो जब तक अपने भाई को निर्दोष साबित नहीं करवा देता तब तक वर्दी नहीं उतरेगा. उसका कहना है कि पुलिस प्रशासन मुख्य आरोपी को बचाकर मेरे बेक़सूर भाई को फंसा रहा है.

सेना प्रमुख बिपिन रावत ने भी एक बयान में कहा था कि अगर जितेंद्र मलिक के खिलाफ कोई सुबूत पाया जाता है और अगर पुलिस उसे हिंसा में लिप्त पाती है तो वह पुलिस से पहले इस पर कार्रवाई करेंगे. सेना प्रमुख का कहना है कि ‘हम पुलिस का पूरी तरह से सहयोग करेंगे.’ मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सेना ने जीतू को शनिवार की सुबह ही हिरासत में ले लिया था. उसे गिरफ्तार करने यूपी पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) टीम जम्मू गई थी. STF की टीम शनिवार-रविवार की दरमियानी रात जीतू को लेकर मेरठ पहुंची और उसे स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) को सौंप दिया. स्याना पुलिस स्टेशन में आरोपी जितेंद्र मालिक से पूछताछ चल रही है. पुलिस का पूरा प्रयास है कि आरोपी को मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने के बाद उसे रिमांड पर लिया जा सके जिससे कि आगे की पूछताछ व घटना के सम्बन्ध में साक्ष्य एकत्रित करने में मदद सके.