मेरठ: उत्तर प्रदेश में बुलंदशहर के स्याना में हिंसा के दौरान मारे गए इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की कार्यप्रणाली से क्या स्थानीय भाजपा नेता नाराज थे ? यह सवाल यहां इसलिए उठ रहा है क्योंकि सोशल मीडिया पर एक पत्र वायरल हो रहा है जो स्थानीय भाजपा नेताओं का बताया जा रहा है. यह पत्र घटना से महज दो दिन पहले का है. इस पत्र के मुताबिक इंस्पेक्टर सुबोध सिंह को लेकर काफी नाराजगी थी और इसमें एसएसपी से उनके विरुद्ध कार्रवाई की मांग की गई थी.

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घटना के दो दिन पहले भेजा था पत्र
बुलंदशहर से सांसद डॉ. भोला सिंह को हिंसा से दो दिन पहले भेजे गए इस पत्र में कहा गया था कि इंस्पेक्टर का व्यवहार जनता के प्रति अभद्र है और क्षेत्र में चोरी, पशु चोरी, अवैध कटान जैसी घटनाएं बढ़ गई हैं. सांसद के अनुसार उन्होंने पत्र वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को भेजकर कार्रवाई की मांग की थी. बुलंदशहर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के बी सिंह ने कहा शुक्रवार को माना कि उन्हें इस तरह का पत्र प्राप्त हुआ था. उनसे जब पूछा गया कि इस पर क्या कार्रवाई की गई, तो उन्होंने कहा कि जांच के आदेश दे दिए गए थे.

कई तरह के आरोप
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के अनुसार बुलंदशहर हिंसा के मामले में अभी तक चार आरोपियों को ही गिरफ्तार किया जा सका है. सोशल मीडिया पर वायरल पत्र को एक दिसंबर को स्याना के भाजपा नेताओं ने सांसद डॉ. भोला सिंह को भेजा था. पत्र पर भाजपा के नगर महामंत्री स्याना संजय श्रोत्रिय, नगर उपाध्यक्ष कपिल त्यागी, पूर्व सभासद मनोज त्यागी, मंडल अध्यक्ष बीबीनगर नीरज चौधरी, भाजपा विधानसभा संयोजक स्याना विजय कुमार लोधी और ब्लॉक प्रमुख पुष्पेंद्र यादव के हस्ताक्षर हैं.

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पत्र में सांसद से कहा गया था कि स्याना कोतवाल सुबोध कुमार का व्यवहार आम जनता के प्रति अभद्र है. क्षेत्र में चोरी, पशु चोरी, अवैध कटान की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं. क्षेत्र में वाहन जांच के नाम पर नगरवासियों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है और अवैध वसूली की जा रही है. इस पत्र में लिखा है कि हिंदुओं के धार्मिक कार्यों के आयोजन में अड़चन पैदा की जा रही है, जिससे हिंदू समाज में आक्रोश पनप रहा है. ऐसे पुलिस अधिकारियों का तत्काल तबादला कराकर इनके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही कराने की कृपा करें. इस संबंध में सांसद का कहना है कि स्याना क्षेत्र के भाजपा नेताओं ने एक दिसंबर को इंस्पेक्टर की कार्यशैली के संबंध में पत्र भेजा था, जिसे वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को भेजकर पूरे मामले से अवगत करा दिया गया था. इसके बावजूद पुलिस अधिकारियों ने कोई कदम नहीं उठाया.(इनपुट एजेंसी)