Corona Virus in Bundelkhand: उत्तर प्रदेश के बांदा जिले (Banda) से आस्था और अंधविश्वास से जुड़ा एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां कोरोना वायरस (Corona Virus) के संक्रमण से गांव को बचाने के लिए आठवीं में पढ़ने वाली एक 16 साल की किशोरी ने अपनी जीभ काटकर शिव मंदिर में चढ़ा दी. लड़की का मानना था कि शिव मंदिर में ऐसा करने पर कोरोना गाँव में नहीं घुसेगा और लोग बचे रहेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. बता दें कि बुंदेलखंड के सभी जिलों में कोरोना के मामले सामने आए हैं. प्रवासी मजदूरों के आने के बाद से कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ी है.Also Read - Corona: दिल्ली में पांच जून के बाद सबसे ज्यादा 45 लोगों की मौत, 24 घंटे में 11,486 नए केस

अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) लाल भरत कुमार पाल ने बताया- 16 साल की एक लड़की द्वारा अपनी जीभ काटकर शिव मंदिर में चढ़ा देने की घटना भदावल गांव की है. ग्रामीणों से मिली सूचना के तुरन्त बाद मौके पर पहुंची बदौसा थाने की पुलिस एंबुलेंस के जरिए लड़की को बेहोशी हालत में सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया. Also Read - Local Circles Survey: महाराष्ट्र में 24 जनवरी से बच्चों को स्कूल नहीं भेजना चाहते अधिकतर अभिभावक, सर्वे में कही ये बात

लड़की के पिता सौखीलाल आरख ने बताया कि उनकी लड़की आठवीं कक्षा में गांव में पढ़ती है और पिछले चार साल से बस्ती से कुछ दूरी पर बने शिव मंदिर में रोजाना सुबह-शाम पूजा करती रही है. बीते दिन वह अकेले मंदिर में पूजा करने गई थी. जब काफी देर तक घर नहीं लौटी तो मंदिर जाकर पता किया गया, जहां वह बेहोशी हालत में खून से सनी पड़ी थी. सौखीलाल ने बताया कि पहले तो बेटी के साथ अनहोनी होने की आशंका हुई, लेकिन जब शिव लिंग के पास उसकी कटी जीभ पड़ी देखी तो पुलिस को सूचना दी गई और अस्पताल में भर्ती करवाया. Also Read - Co-WIN ऐप में बड़ा बदलाव, Vaccine के लिए एक ही मोबाइल नंबर से 6 लोग कर सकते हैं रजिस्ट्रेशन

पिता ने बताया कि लड़की की तबीयत अब ठीक है, और अब वह कहती है कि गांव को कोरोना बीमारी से बचाने के लिए उसने शिव जी के मंदिर अपनी जीभ चढ़ाने की मन्नत मानी थी. भदावल गांव के ग्राम प्रधान रामेंद्र कुमार वर्मा ने बताया, गांव के विद्यालय में आठवीं कक्षा में पढ़ने वाली 16 वर्षीय लड़की गांवों में फैल रहे कोरोनावायरस को लेकर पिछले कुछ दिनों से काफी भयभीत थी और इसे रोकने के लिए अक्सर अपने परिजनों से देवी-देवताओं की पूजा करने की बात किया करती थी. जिला अस्पताल के ईएमओ डॉ. विनीत सचान ने बताया- जीभ काटने वाली लड़की को पुलिस यहां लेकर आई थी. उसे आराम था, इसलिए यहां से डिस्चार्ज कर दिया गया है.