लखनऊ: उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में विभाजित बुंदेलखंड को अलग राज्य घोषित करने की मांग को लेकर महोबा जिले के राजकीय इंटर कॉलेज में पढ़ने वाली दो हजार छात्राओं ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को एक साथ दो हजार राखियां भेजीं हैं.

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महोबा जिले के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य सरगम खरे ने बुधवार को बताया कि यहां पढ़ने वालीं दो हजार छात्राओं ने एक साथ दो हजार राखियां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भेज कर रक्षाबंधन त्योहार से पहले बुंदेलखंड को अलग राज्य घोषित करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि जिस तरह छोटा परिवार खुशहाल रहता है, उसी तरह छोटे राज्यों के गठन से वहां के वाशिंदे खुशहाल रहते हैं. छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, झारखंड और तेलंगाना इसके जीते-जागते उदाहरण हैं. बता दें कि उत्तर प्रदेश के सात जिलों-बांदा, चित्रकूट, महोबा, हमीरपुर, जालौन, झांसी व ललितपुर एवं मध्य प्रदेश के 21 जिलों में विभक्त बुंदेलखंड को अलग राज्य घोषित करने की मांग नई नहीं है.

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दो माह से बुंदेली समाज के संयोजक भूख हड़ताल पर
छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, झारखंड और तेलंगाना राज्यों के भी गठन से पहले से बुंदेलखंड को अलग राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग उठती रही है, लेकिन सत्तारूढ़ और विपक्षी दल इसे अनसुना करते आए हैं. पिछले दो माह से बुंदेली समाज के संयोजक तारा पाटकर और अधिवक्ता समिति के पूर्व अध्यक्ष सुखनंदन यादव अपने समर्थकों के साथ महोबा के आल्हा चौक पर भूख हड़ताल कर रहे हैं. हाल ही में ढाई सौ लोगों ने एक साथ मुंडन कराकर इस मांग को और तेज कर दिया है.