लखनऊ: बुंदेलखंड के हालात इन दिनों खराब हैं. गांवों के लोग बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं. बेरोजगारी के कारण रोजगार की तलाश में बड़े बुजुर्ग घरों को छोड़ दिल्ली, गुजरात, मुंबई जैसे शहरों के लिए रुख कर गए हैं. सरकारें अरसे से कोशिश करती आई हैं, लेकिन समस्या ख़त्म नहीं हो पाई. ऐसे में बुंदेलखंड की इन समस्याओं का हल क्या हो सकता है, किसानों और ग्रामीणों और अधिकारियों के बीच झांसी से 10 किलोमीटर दूर मध्य प्रदेश के ओरछा में स्थित तारा ग्राम में लंबी चर्चा हुई. स्वरोजगार के लिए लोगों को प्रोत्साहित करने के लिये तारा ग्राम संस्था, ओरछा में कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में मध्य प्रदेश व उत्तर प्रदेश के सरकारी, गैर सरकारी अधिकारी शामिल हुए. इनके साथ ही यहां लोगों को डॉक्युमेंट्री फ़िल्म के माध्यम से ‘रोजगार उपलब्ध कराने के लिये कैसे प्रेरित किया जा सकता है’ बताया गया. इस मौके पर उपस्थित अधिकारियों ने ग्रामीणों से सुझाव लिए गए कि कैसे बुंदेलखंड में लोगों को रोजगार की ओर प्रेरित किया जा सकता है.Also Read - Video: कांग्रेस नेता दिग्‍विजय सिंह ने हिंदू-मुस्लिम आबादी पर दिया विवादित बयान...

कार्यशाला के वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्रशांत पटरा व चंदन मिश्रा ने बुन्देलखण्ड की स्थिति पर कहा कि यदि बुंदलेखंड के लोगों को रोजगार के लिये प्रेरित नहीं किया गया तो और भी भयानक स्थिति हो सकती है, इसलिए अधिक से अधिक लोगों को स्व रोजगार व उद्योग धंधों की ओर प्रेरित करने की जरूरत है. इसके लिये ना तो सरकार अकेले काम कर सकती है और न ही कोई संस्था. इसके लिये सरकार के साथ स्वयंसेवी संस्थाएं, बैंक और जितने भी शासन के घटक है, उन पर बैठे अधिकारीगण जब सहयोग करेंगे तभी लोग जगरूक होकर व्यापार करने के लिये आगे आएंगे और बुंदलेखंड का युवा सशक्त बनेगा. Also Read - फल देने का झांसा देकर बगीचे में ले गए, फिर दो लोगों ने किया नाबालिग लड़की का रेप; सोशल मीडिया पर डाला वीडियो

इस मौके पर जिला विकास अधिकारी झांसी अजय सोनी अग्रणी जिला बैक झांसी रणधीर सिंह बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय से नेहा मिश्रा, जनपद पंचायत सीईओ निवाड़ी, शैलेन्द्र सिंह आजीविका मिशन, निवाड़ी के मैनेजर राघवेंद्र सिंह चंदेल ने शासन की योजनाओं के बारे में विस्तार से चर्चा करते हुये कहा कि मंशा है कि युवा रोजगार के लिये आगे बढ़े उसके लिये सरकार हर संभव मदद करने को तत्पर है. ‘चलो आओ बिजनेस लगाएं’ पत्रिका का विमोचन किया गया. किताब में लोगों को रोजगार कैसे उपलब्ध कर सके और रोजगार से कैसे उनका विकास हो सकता है उन सभी के बारे में विस्तार से बताया गया है. Also Read - शराब माफिया हमारे खिलाफ भयानक प्रचार अभियान छेड़ सकता है: उमा भारती