नई दिल्ली: लगभग 980 बसें भरतपुर, अलवर और राजस्थान के अन्य हिस्सों को वापस लौट गईं, क्योंकि उत्तर प्रदेश सरकार ने उन्हें राज्य में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी. अब कांग्रेस नए सिरे से आवेदन करने को तैयार है और उसके नेता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने वाले हैं. उत्तर प्रदेश सरकार के यह कहने के बाद कि उन्हें कांग्रेस से बसों की सूची नहीं मिली है, पार्टी नेताओं ने कहा कि वे सोमवार को मुख्यमंत्री कार्यालय को सूची देंगे. Also Read - राजधानी दिल्ली में पासवर्ड हैक कर बनाए जा रहे थे फर्जी ई-पास, घेरे में कई कर्मचारी, शुरू हुई जांच

उप्र कांग्रेस के नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा, “पिछले तीन दिनों से, प्रियंका गांधीजी राज्य में बसों की अनुमति देने के लिए उप्र के मुख्यमंत्री को पत्र लिख रही हैं, लेकिन इसकी अनुमति नहीं दी गई और 12 घंटे बाद बसों को वापस लौटना पड़ा.” Also Read - देश में लगा करीब एक लाख लोगों की मौत का अंबार, लेकिन टेंशन फ्री होकर गोल्फ खेलते दिखे डोनाल्ड ट्रंप

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने रविवार को योगी सरकार से उन बसों को राज्य में प्रवेश करने की अनुमति देने का आग्रह किया था, जो सीमा पर पहुंच गई हैं और अब फंसी हुई हैं. उन्होंने उप्र के मुख्यमंत्री से एक वीडियो के जरिए अपील जारी की थी. लगभग 400 बसें बहाज गोवर्धन सीमा पर पहुंच गई थीं और कहा जा रहा है कि बसों में प्रवासी मजदूर हैं. Also Read - खुशखबरी! बिहार में जून के पहले हफ्ते से सड़क पर फिर से दौड़ेंगी बसें, चरणबद्ध रूप में शुरू होगी सेवा

प्रियंका गांधी ने राजस्थान के अलवर और भरतपुर से प्रवासियों को ले जाने के लिए 500 बसों की व्यवस्था की है, लेकिन कांग्रेस का कहना है कि इन्हें यूपी सरकार से राज्य में प्रवेश करने की अनुमति नहीं मिली. शनिवार को प्रियंका गांधी ने औरैया में हुई दुर्घटना के बाद प्रवासियों के लिए 1000 बसों को अनुमति देने के लिए मुख्यमंत्री को लिखा था. इस हादसे में 24 लोगों की जान चली गई थी. पूर्वी उत्तर प्रदेश में पार्टी मामलों की प्रभारी प्रियंका गांधी ने कहा कि कांग्रेस ऐसे समय में इन चार्टर्ड बसों का खर्च वहन करेगी, जब प्रवासियों को सुरक्षित घर लौटने में मुश्किल हो रही है.

प्रियंका गांधी ने योगी आदित्यनाथ को पत्र में कहा, “देश के विभिन्न हिस्सों से चलते हुए लाखों श्रमिक अपने घरों को वापस जाने की कोशिश कर रहे हैं और उनके लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं. हम गाजीपुर और नोएडा की सीमाओं से 500-500 बसों का संचालन करना चाहते हैं.” उन्होंने कहा कि “राष्ट्र निर्माता को ऐसे समय में अकेले जूझने के लिए नहीं छोड़ा जा सकता है.”